
Maharashtra FDA Notice: बॉलीवुड के तीन बड़े सितारे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने तीनों अभिनेताओं को ‘विमल’ ब्रांड से जुड़े पान मसाला और इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA ने सोशल मीडिया समेत अन्य प्लेटफॉर्म से संबंधित प्रचार सामग्री हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तय समय में निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
महाराष्ट्र FDA की ओर से यह कार्रवाई 14 अगस्त को जारी किए गए नोटिस के बाद सामने आई है। नोटिस में तीनों कलाकारों की भूमिका को ब्रांड एंडोर्सर के तौर पर चिन्हित किया गया है। FDA का कहना है कि ‘च्युइंग इलायची’ के नाम से प्रचारित किए जा रहे विज्ञापन और उससे जुड़ी प्रमोशनल सामग्री को लेकर खाद्य सुरक्षा कानून के प्रावधानों के तहत सवाल उठे हैं। विभाग ने इसे खाद्य उत्पादों के विज्ञापन से जुड़े नियमों के संदर्भ में जांच के दायरे में लिया है।
FDA ने अपने नोटिस में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की धारा 24 का हवाला दिया है। यह प्रावधान खाद्य पदार्थों से जुड़े ऐसे विज्ञापनों और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर रोक लगाने से संबंधित है, जो उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकती हैं या कानून और उसके तहत बनाए गए नियमों का उल्लंघन करती हैं। विभाग ने इसी आधार पर तीनों अभिनेताओं से स्पष्टीकरण मांगा है।
मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि ‘विमल’ ब्रांड के पान मसाला और इलायची उत्पादों से जुड़े विज्ञापनों में कई बड़े बॉलीवुड सितारे नजर आ चुके हैं। ऐसे विज्ञापनों में अक्सर इलायची जैसे अपेक्षाकृत सामान्य उत्पाद का नाम और पैकेजिंग दिखाई जाती है, लेकिन पान मसाला ब्रांड से जुड़ी ब्रांडिंग के कारण इन विज्ञापनों को लेकर लंबे समय से बहस होती रही है। आलोचकों का कहना है कि सेलिब्रिटी की लोकप्रियता का इस्तेमाल ऐसे उत्पादों के अप्रत्यक्ष प्रचार के लिए किया जा सकता है।
महाराष्ट्र FDA ने नोटिस में यह भी कहा है कि विमल इलायची से संबंधित विज्ञापन अभी भी उपलब्ध है और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित या साझा किया जा रहा है। विभाग ने संबंधित प्रचार सामग्री की उपलब्धता को कार्रवाई का आधार बनाया है। नोटिस मिलने के बाद अब तीनों कलाकारों के सामने यह सवाल है कि वे FDA के समक्ष क्या जवाब देते हैं और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट तथा प्रचार सामग्री को लेकर क्या कदम उठाते हैं।
शाहरुख खान और अजय देवगन इससे पहले भी पान मसाला विज्ञापनों को लेकर सार्वजनिक बहस का हिस्सा रह चुके हैं। वहीं टाइगर श्रॉफ भी इस ब्रांड से जुड़े विज्ञापन में दिखाई दे चुके हैं। सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट को लेकर समय-समय पर स्वास्थ्य और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े सवाल उठते रहे हैं। यही वजह है कि नियामक एजेंसियां अब ऐसे विज्ञापनों और उनके प्रचार के तरीके पर ज्यादा नजर रख रही हैं।
पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन को लेकर भारत में पहले से ही कई तरह के कानूनी और नियामकीय प्रावधान मौजूद हैं। खास तौर पर ऐसे विज्ञापनों पर नजर रखी जाती है जिनसे उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति को लेकर भ्रम हो सकता है। जब किसी लोकप्रिय अभिनेता या सार्वजनिक हस्ती को किसी ब्रांड के प्रचार में शामिल किया जाता है तो उसका प्रभाव व्यापक दर्शकों तक पहुंचता है। इसी वजह से सेलिब्रिटी विज्ञापनों की जिम्मेदारी को लेकर भी बहस तेज होती रही है।
इस मामले में FDA ने तीनों अभिनेताओं को सीधे दोषी ठहराने के बजाय कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यानी फिलहाल उनसे विभाग के सामने अपना पक्ष रखने और संबंधित प्रचार सामग्री को लेकर जवाब देने को कहा गया है। नोटिस अपने आप में किसी अंतिम दोषसिद्धि का फैसला नहीं है। आगे की कार्रवाई उनके जवाब और विभाग की जांच के आधार पर तय हो सकती है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ FDA के नोटिस का क्या जवाब देते हैं। अगर तीनों निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित पोस्ट और प्रचार सामग्री हटा देते हैं या विभाग के सामने संतोषजनक स्पष्टीकरण देते हैं तो मामला अलग दिशा में जा सकता है। वहीं अगर निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है तो FDA खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई कर सकता है।
बॉलीवुड सितारों के लिए यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि ब्रांड एंडोर्समेंट अब केवल विज्ञापन तक सीमित नहीं रह गया है। सोशल मीडिया के दौर में किसी अभिनेता की एक पोस्ट या वीडियो लाखों लोगों तक कुछ ही समय में पहुंच सकता है। ऐसे में नियामक संस्थाएं सेलिब्रिटी प्रमोशन में कानून के पालन और उपभोक्ताओं के हित को लेकर लगातार सख्ती दिखा रही हैं।



