
Ram Mandir Offering Controversy: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन और चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति लगातार गरमाई हुई है। विधानसभा से लेकर सड़क तक विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है। इसी बीच यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का एक बयान राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है। सदन में हंगामे के दौरान महाना ने विपक्षी विधायकों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर किसी ने राम मंदिर में चंदा दिया है तो वह उसकी रसीद लेकर आए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब राम मंदिर जाने का अवसर था तब कई लोग नहीं गए, लेकिन अब मंदिर की चिंता जता रहे हैं।
सदन में क्यों आया यह बयान?
दरअसल, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार को सदन में विस्तृत चर्चा करानी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर विधानसभा में लगातार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन हुआ।
हंगामे के दौरान अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों को मंदिर की इतनी चिंता है, वे पहले यह बताएं कि उन्होंने मंदिर निर्माण में क्या योगदान दिया था। उनका यह बयान कुछ ही देर में राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
पहले भी बयान को लेकर घिरे थे महाना
यह पहला मौका नहीं है जब राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सतीश महाना के बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि जो लोग अपने दान की वापसी मांग रहे हैं, शायद उन्होंने दान “सच्ची श्रद्धा” से नहीं दिया था। इस टिप्पणी पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
विपक्ष ने उठाए सवाल
विपक्ष का कहना है कि मामला श्रद्धा का नहीं बल्कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और जवाबदेही का है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। वहीं सत्ता पक्ष का तर्क है कि मामले की जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
चढ़ावा विवाद पर जांच जारी
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) लगातार जांच कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा कि शुरुआती जांच में किसी साधु-संत की संलिप्तता सामने नहीं आई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक मुद्दा बना राम मंदिर चढ़ावा मामला
राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब केवल जांच का विषय नहीं रह गया है। यह उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक ओर विपक्ष सरकार को घेर रहा है, तो दूसरी ओर भाजपा नेता इसे आस्था और राजनीति से जोड़कर जवाब दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गरमा सकता है।



