
Ram Mandir Donation Case: Ram Mandir Donation Case में उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने मंगलवार, 18 अगस्त को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की फाइनल रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक, गृह विभाग की ओर से जरूरी प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद रिपोर्ट ट्रस्ट को दी गई है।
SIT ने मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और चोरी के आरोपों की जांच की थी। रिपोर्ट को इस मामले में जांच की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा को बड़ी राहत
SIT की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा के नाम आरोपी के तौर पर शामिल नहीं किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों को इस मामले में क्लीन चिट मिली है।
हालांकि, दान और चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय गबन के आरोपों को लेकर दूसरी जांच की प्रक्रिया जारी रहने की बात सामने आई है। ऐसे में पूरे मामले में आगे की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।
दोबारा गठित की गई थी SIT
राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का दोबारा गठन किया था। इस नई टीम में तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों को शामिल किया गया था।
SIT की अगुवाई IG किरण एस ने की। टीम में DIG अयोध्या सोमेन वर्मा और SSP अयोध्या डॉ. गौरव ग्रोवर भी शामिल थे।
इससे पहले गठित SIT में लखनऊ के तत्कालीन कमिश्नर विजय विश्वास पंत और स्पेशल सेक्रेटरी (फाइनेंस) नील रतन कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।
आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में
मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें अविनाश शुक्ला, संकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमा शंकर उर्फ टिन्नू शामिल हैं।
इन सभी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के आधार पर 25 जून को अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में FIR दर्ज की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही सुनवाई
राम मंदिर ट्रस्ट को मिले दान में कथित वित्तीय गड़बड़ी और हेराफेरी से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई है। सोमवार को अदालत ने कहा कि SIT जांच को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट को इस स्तर पर याचिकाकर्ताओं या अन्य लोगों के साथ साझा नहीं किया जा सकता।
अब SIT की फाइनल रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपे जाने के बाद मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
आगे क्या होगा?
SIT की रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को राहत मिलने के बाद मामले की जांच एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। हालांकि, कथित दान गबन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी रहने की बात सामने आई है। ऐसे में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और बाकी जांच की दिशा आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकती है।



