
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट प्रशासन में बड़े बदलावों की प्रक्रिया तेज हो गई है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद अब मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर नियुक्ति की तैयारी शुरू हो चुकी है। ट्रस्ट की ओर से आवेदन आमंत्रित किए जाने के बाद देशभर से बड़ी संख्या में दावेदार सामने आए हैं। अब तक इस पद के लिए 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
इन आवेदनों के बीच सबसे अधिक चर्चा पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के आवेदन की हो रही है। अपने प्रशासनिक करियर और बेबाक छवि के लिए पहचाने जाने वाले अमिताभ ठाकुर ने भी राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।
पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने क्यों किया आवेदन?
अपने आवेदन में अमिताभ ठाकुर ने लिखा है कि वे भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहे हैं तथा भगवान श्रीराम के मर्यादा, न्याय, कर्तव्यनिष्ठा और लोककल्याण के आदर्शों में गहरी आस्था रखते हैं। उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव, पारदर्शी कार्यशैली और संगठनात्मक क्षमता का उल्लेख करते हुए चयन समिति से अपनी उम्मीदवारी पर विचार करने का अनुरोध किया है।
अमिताभ ठाकुर उत्तर प्रदेश कैडर के 1992 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे हैं। वर्ष 2021 में उन्हें समय से पहले अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और ‘आजाद अधिकार सेना’ नाम से राजनीतिक दल का गठन किया।
18 जुलाई को होंगे इंटरव्यू
राम मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि CEO पद के लिए चयन प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी। पात्र उम्मीदवारों के साक्षात्कार 18 जुलाई को शाम 4 बजे आयोजित किए जाएंगे। यदि किसी वरिष्ठ उम्मीदवार के लिए अयोध्या पहुंचना संभव नहीं हुआ तो आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन इंटरव्यू की भी व्यवस्था की जा सकती है।
चयन समिति इंटरव्यू के बाद अपनी सिफारिश ट्रस्ट के समक्ष रखेगी। अंतिम निर्णय ट्रस्ट की आगामी बैठकों में लिया जाएगा।
क्या है CEO बनने की पात्रता?
ट्रस्ट की ओर से तय पात्रता के अनुसार आवेदन करने वाले उम्मीदवार की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक के पास कम से कम 20 वर्षों का प्रशासनिक या प्रबंधन अनुभव होना अनिवार्य है। साथ ही उसे अयोध्या में रहकर कार्य करने के लिए तैयार होना होगा।
इसके अलावा उम्मीदवार का भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखने वाला अभ्यासशील हिंदू होना, हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना तथा प्रशासन, वित्त, कानून और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में अनुभव होना भी आवश्यक शर्तों में शामिल है।
चढ़ावा चोरी मामले के बाद लिया गया फैसला
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में CEO पद को अधिक प्रभावी बनाने और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति का फैसला किया गया। ट्रस्ट का मानना है कि एक अनुभवी अधिकारी मंदिर प्रशासन, वित्तीय व्यवस्था और संचालन को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित कर सकेगा।
देशभर से मिल रहे हैं आवेदन
सूत्रों के अनुसार, इस पद के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से सेवानिवृत्त IAS, IPS, रक्षा सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी और बड़े सार्वजनिक संस्थानों में कार्य कर चुके अधिकारी आवेदन कर रहे हैं। ट्रस्ट का कहना है कि चयन पूरी तरह योग्यता, अनुभव और प्रशासनिक क्षमता के आधार पर किया जाएगा।
अब आगे क्या होगा?
18 जुलाई को इंटरव्यू के बाद चयन समिति योग्य उम्मीदवारों के नाम ट्रस्ट के सामने रखेगी। इसके बाद ट्रस्ट की बैठक में नए CEO के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि आखिर राम मंदिर ट्रस्ट की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए किस अधिकारी का चयन होता है।



