
Pratapgarh News:अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सोमवार को जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय को प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित एमडीआर को लेकर व्यापारियों के हित में राहत देने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि यूपीआई आज देश में डिजिटल भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में एमडीआर का अतिरिक्त भार छोटे एवं मध्यम वर्गीय व्यापारियों और उद्यमियों पर नहीं पड़ना चाहिए।
व्यापार मंडल ने मांग की कि 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू करने की न्यूनतम सीमा बढ़ाकर ₹10,000 की जाए। साथ ही, मासिक अधिकतम एमडीआर सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख किया जाए। व्यापारियों का कहना है कि इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ ही छोटे और मध्यम कारोबारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
ज्ञापन में कहा गया कि यूपीआई की सरलता, पारदर्शिता और त्वरित भुगतान व्यवस्था ने व्यापारिक गतिविधियों को गति दी है। यदि एमडीआर का बोझ बढ़ा तो व्यापारी और उपभोक्ता नकद लेनदेन की ओर लौटने के लिए मजबूर हो सकते हैं, जो देश की कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिए उचित नहीं होगा। व्यापार मंडल ने सरकार से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक निर्णय लेने की अपील की।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता, जिला महामंत्री अर्पित खंडेलवाल, एसके मखीजा, जसबीर सिंह, राहुल गुप्ता, अनिल गोयल, राहुल तिवारी, कार्तिकेय मिश्रा, बृजेश केसरवानी, मनोज केसवानी, जवाहर लाल उमरवेश, मनीष गुप्ता समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट-उमेश पाण्डेय जिला संवाद दाता यूनाईटेड भारत



