
Pratapgarh News: जिले के हथिगवां थाना क्षेत्र में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ जिंदा कछुओं को बरामद किया है। पुलिस की गश्त के दौरान तस्कर बाइक छोड़कर मौके से फरार हो गए। बरामद कछुए संरक्षित प्रजाति के बताए गए हैं, जिन्हें वन विभाग ने सुरक्षित गंगा नदी में छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, हथिगवां थाना क्षेत्र के काटी अखैबरपुर गांव के पास पुलिस नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध बाइक सवार पुलिस को देखकर वाहन छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर खड़ी बाइक और उसके पास रखी एक बोरी की तलाशी ली, जिसमें नौ जिंदा कछुए मिले।
मामले की सूचना थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह ने तत्काल वन क्षेत्राधिकारी आशीष सिंह को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बरामद कछुओं की जांच की। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि सभी कछुए इंडियन सॉफ्ट शेल टर्टल (Indian Softshell Turtle) प्रजाति के हैं, जिन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित श्रेणी में रखा गया है।
वन विभाग ने बरामद बाइक के पंजीकरण नंबर के आधार पर सुल्तानपुर जिले के महेसुवा निवासी अर्जुन सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कार्रवाई के बाद प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) प्रतापगढ़ की मौजूदगी में सभी नौ कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ने के उद्देश्य से गंगा नदी में मुक्त कर दिया गया।
डीएफओ ने बताया कि संरक्षित कछुओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांस और पारंपरिक दवाओं के नाम पर अवैध तस्करी की जाती है, जिसके कारण इन वन्यजीवों की संख्या लगातार प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव तस्करी रोकने के लिए विभाग लगातार अभियान चला रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हथिगवां पुलिस और वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से क्षेत्र में वन्यजीव तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की अवैध तस्करी के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।



