
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हुई मुलाकात ने दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राष्ट्रपति भवन में हुई इस बैठक के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
राष्ट्रपति भवन में हुई इस मुलाकात की तस्वीरें राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार और भाजपा संगठन में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। इसी वजह से इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में विभिन्न तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं को सबसे अधिक बल हाल ही में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में हुए बदलावों से मिला है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। वे अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में भी राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। राष्ट्रपति भवन की ओर से उनके इस्तीफे को स्वीकार किए जाने की पुष्टि की गई है।
जॉर्ज कुरियन को हाल में हुए राज्यसभा चुनावों में भाजपा ने दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। उनका संसदीय कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंत्रिमंडल में उनकी जगह को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इसी तरह केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह का संसदीय कार्यकाल भी 21 जून को समाप्त हो गया। वे रेल मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। भाजपा ने उन्हें भी राज्यसभा के लिए पुनः नामित नहीं किया, जिससे मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव की अटकलों को और बल मिला है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्रिपरिषद में खाली हुई जगहों को भरने के साथ-साथ कुछ मंत्रालयों में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण भी किया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
भाजपा संगठन में हाल के महीनों में हुए बदलाव भी इन चर्चाओं का महत्वपूर्ण कारण माने जा रहे हैं। दिल्ली भाजपा की कमान हर्ष मल्होत्रा को सौंपे जाने और उत्तर प्रदेश इकाई में पंकज चौधरी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन और सरकार के बीच नए समीकरणों को लेकर भी चर्चा जारी है। दोनों नेता केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि लोकसभा चुनावों के बाद सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए समय-समय पर ऐसे बदलाव किए जाते रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है, हालांकि इसके वास्तविक एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट फेरबदल, नए चेहरों की एंट्री और कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। आने वाले दिनों में यदि सरकार की ओर से कोई घोषणा होती है तो तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। तब तक राष्ट्रपति भवन में हुई यह मुलाकात राजनीतिक अटकलों का केंद्र बनी हुई है।



