
Pakistan Afghanistan conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्तों में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान ने गुरुवार को अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई और ड्रोन हमले किए, जिनमें कंधार समेत कुल 10 स्थानों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। पाकिस्तान का कहना है कि कार्रवाई केवल उन ठिकानों पर की गई जो कथित तौर पर उसके खिलाफ गतिविधियों से जुड़े थे।
कंधार में सुनाई दिए धमाकों के आवाजें
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कंधार में देर रात लड़ाकू विमानों की आवाजें सुनाई दीं। इसके कुछ समय बाद कई धमाकों की सूचना सामने आई। कंधार को तालिबान नेतृत्व का प्रमुख केंद्र माना जाता है और यहां तालिबान के सर्वोच्च नेता का निवास भी बताया जाता है।
हालांकि, हमलों के बाद नुकसान और हताहतों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
पाकिस्तान ने क्या कहा?
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर 10 अलग-अलग स्थानों पर “सटीक और लक्षित” हवाई तथा ड्रोन हमले किए हैं। उनके अनुसार, कार्रवाई पूरी योजना के साथ की गई और केवल उन्हीं ठिकानों को निशाना बनाया गया जिनका संबंध पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों से था।
पाकिस्तान का दावा है कि यह अभियान सीमित दायरे में था और इसका उद्देश्य केवल सुरक्षा खतरों को खत्म करना था।
अफगान सेना के ठिकाने पर भी हमले का दावा
अफगानिस्तान के पक्तिया प्रांत से भी हमले की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया। रिपोर्टों में कहा गया है कि अफगान सेना की 203वीं मंसूरी कोर के परिसर के आसपास बमबारी हुई, हालांकि किसी भी पक्ष ने हताहतों की पुष्टि नहीं की है।
नागरिकों के हताहत होने की आशंका
संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट में पूर्वी अफगानिस्तान में हुए हमलों के दौरान नागरिकों के प्रभावित होने की बात कही गई थी। वहीं पाकिस्तान का दावा है कि उसने हाल की कार्रवाई में कई चरमपंथियों को निशाना बनाया है। दोनों पक्षों के दावों के बीच वास्तविक स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
युद्धविराम के बाद फिर बढ़ी तल्खी
मार्च में हुए युद्धविराम के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि दोनों देशों के बीच हालात सामान्य होंगे। लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार बढ़ते तनाव और सुरक्षा संबंधी आरोप-प्रत्यारोप ने स्थिति को फिर से संवेदनशील बना दिया है।
इससे पहले भी दोनों देशों के बीच सैन्य झड़पें हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रयासों के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन सकता है। यदि दोनों देशों के बीच संवाद की प्रक्रिया मजबूत नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हालात और जटिल हो सकते हैं।
written by Siddhi Srivastava



