
बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां विपक्ष इन नतीजों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए बड़ा संदेश बता रहा है, वहीं सुभासपा (SBSP) प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर (ओपी राजभर) ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि एक या दो सीटों पर हार-जीत से सरकार की स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता।
‘सरकार तो बिहार और मध्य प्रदेश में BJP की है’
उपचुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी राजभर ने कहा कि चुनाव का आकलन केवल एक-दो सीटों के आधार पर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बिहार और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है, इसलिए उपचुनाव के परिणामों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना उचित नहीं है।
राजभर ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है, लेकिन किसी एक या दो सीट के नतीजे को पूरे राज्य की राजनीतिक तस्वीर मान लेना सही नहीं होगा।
किन सीटों पर क्या रहे नतीजे?
हाल ही में घोषित उपचुनाव परिणामों में बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज ने भाजपा को हराया, जबकि मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में गई। दूसरी ओर गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज कर अपनी सीट बरकरार रखी।
इन्हीं नतीजों के बाद विपक्ष ने भाजपा पर निशाना साधा, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे सामान्य चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
शिक्षक भर्ती मामले पर भी बोले राजभर
उत्तर प्रदेश के शिक्षक भर्ती मामले पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए ओपी राजभर ने कहा कि यह सरकार का नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल अदालत के आदेश का पालन कर रही है और इस संबंध में सरकार कोई नया कानून नहीं ला रही है।
अवधेश प्रसाद ने बताया BJP के लिए चेतावनी
समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद अवधेश प्रसाद ने उपचुनाव नतीजों को भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक संकेत बताया। उन्होंने दावा किया कि जिन सीटों को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां मिली हार यह दर्शाती है कि जनता बदलाव का संदेश दे रही है। उन्होंने सरकार से इन नतीजों पर प्रतिक्रिया देने की भी मांग की।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
उपचुनाव के नतीजों के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी राजनीतिक व्याख्या पेश कर रहे हैं। जहां विपक्ष इसे जनता के बदलते मूड का संकेत बता रहा है, वहीं भाजपा और उसके सहयोगी दलों का कहना है कि कुछ सीटों के परिणामों से सरकार की लोकप्रियता का आकलन नहीं किया जा सकता।



