
New Delhi New-भारत ने प्रशांत महासागर क्षेत्र के देशों के साथ अपने कूटनीतिक और विकास संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा का समोआ, कुक द्वीप समूह और नाउरू का सात दिवसीय आधिकारिक दौरा 22 अक्टूबर को संपन्न हो गया। यह यात्रा 16 अक्टूबर से शुरू हुई थी।
इस दौरे का उद्देश्य प्रशांत द्वीप देशों के साथ भारत की साझेदारी को विस्तार देना और विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाना था। भारत की एक्ट ईस्ट नीति के साथ-साथ प्रशांत क्षेत्र के देशों से मजबूत संबंध स्थापित करना भारतीय विदेश नीति का अहम हिस्सा है।
व्यापार, पर्यटन और जलवायु सहयोग पर चर्चा
यात्रा के दौरान पबित्र मार्गेरिटा ने तीनों देशों के वरिष्ठ नेताओं और प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं कीं। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, पर्यटन, जलवायु परिवर्तन से निपटने और कौशल विकास जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
भारत और प्रशांत द्वीप देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (FIPIC) की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। इस मंच के माध्यम से भारत क्षेत्रीय साझेदारी, विकास और आपसी संपर्क को बढ़ावा देने का प्रयास करता रहा है।
विकास परियोजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर जोर
दौरे के दौरान विदेश राज्य मंत्री ने भारत की वित्तीय और तकनीकी सहायता से संचालित विकास गतिविधियों का जायजा लिया। इन पहलों का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम (ITEC) और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) से जुड़े पूर्व छात्रों तथा अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत दूसरे देशों के नागरिकों को प्रशिक्षण, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अवसर उपलब्ध कराता है।
नाउरू में भारतीय समुदाय से भी मिले मार्गेरिटा
नाउरू प्रवास के दौरान पबित्र मार्गेरिटा ने भारत में प्रशिक्षण और शिक्षा प्राप्त कर चुके पूर्व छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने उनके अनुभवों को भारत और नाउरू के बीच संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया।
विदेश राज्य मंत्री ने भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की।
प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती भागीदारी
भारत प्रशांत द्वीप देशों के साथ विकास, क्षमता निर्माण और आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इन देशों के लिए जलवायु परिवर्तन, समुद्री संसाधनों का संरक्षण और आर्थिक विकास जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में भारत के साथ सहयोग से कई क्षेत्रों में नई संभावनाएं बन सकती हैं।
पबित्र मार्गेरिटा की यह यात्रा भारत के व्यापक क्षेत्रीय जुड़ाव और ग्लोबल साउथ के देशों के साथ साझेदारी मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है। इस दौरे से भारत और प्रशांत द्वीप देशों के बीच संवाद बढ़ाने तथा भविष्य में सहयोग की नई राहें तलाशने का अवसर मिला है।



