
Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 1,114 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 3,916 लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। इस बीच नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने देश को संबोधित करते हुए राहत और बचाव अभियान की जानकारी दी है।
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि इस मुश्किल समय में सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। प्रभावित इलाकों में नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के हजारों जवानों को तैनात किया गया है। फंसे लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए सेना के साथ निजी क्षेत्र के हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है।
विदेशी नागरिकों के लिए बनाई गई स्पेशल टीम
पीएम बालेन शाह के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे विदेशी नागरिकों की खोज और बचाव के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। रेस्क्यू अभियान में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है।
नदियों और बिजली परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों और शवों को निकालने के लिए राहत एवं बचाव टीमें लगातार काम कर रही हैं। कई इलाकों में मलबा हटाने का काम रात-दिन जारी है।
प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जा रही मदद
प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में सेना के हेलीकॉप्टरों को रेस्क्यू अभियान के लिए लगाया गया है। फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ जरूरी राहत सामग्री भी हेलीकॉप्टरों के जरिए पहुंचाई जा रही है।
इसके अलावा राहत सामग्री से भरे 10 ट्रक भी प्रभावित क्षेत्रों के लिए भेजे गए हैं। रसुवा और नुवाकोट के लिए 1-1 करोड़ रुपये की सहायता राशि दिए जाने की जानकारी भी प्रधानमंत्री ने दी।
नेपाल सरकार के मंत्री देंगे एक महीने की सैलरी
बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए नेपाल सरकार के सभी मंत्रियों ने अपनी एक महीने की सैलरी राहत कार्यों में देने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार और प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में देश को एकजुट होकर प्रभावित लोगों की मदद करनी होगी।
कब और कैसे शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन?
पीएम बालेन शाह के अनुसार, यह घटना 26 अगस्त 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे हुई। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित टीमों को अलर्ट कर दिया गया। सुबह 9:15 बजे बैठक बुलाई गई और हेलीकॉप्टरों को स्टैंडबाय पर रखा गया।
करीब 10:30 बजे तक आपातकालीन बचाव टीमें तैनाती के लिए तैयार थीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि शुरुआत से ही सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित निकालना रहा है।
अब तक 11,993 लोगों को बचाया गया
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बताया कि अब तक 11,993 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। वहीं, 3,916 लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। बरामद 1,114 शवों में से अब तक केवल 95 शव उनके परिवारों को सौंपे गए हैं।
प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लेने के लिए मंत्रियों का एक समूह भी वहां पहुंचा है। सरकार राहत और बचाव कार्यों को लगातार आगे बढ़ा रही है।
भारत समेत कई देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि इस संकट की घड़ी में भारत, चीन, अमेरिका और अन्य देशों से नेपाल को समर्थन मिला है। कई बैंकों और संस्थानों की ओर से भी मदद की गई है।
उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में सहयोग देने वाले सभी देशों और संस्थानों का आभार जताया और कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।



