UP Politics: मौलाना जरजिस अंसारी के बयान पर लखनऊ में पोस्टर विवाद, BJP ने अखिलेश यादव की चुप्पी पर उठाए सवाल

भगवान श्रीकृष्ण को लेकर मौलाना जरजिस अंसारी के विवादित बयान के बाद लखनऊ में सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा नेता द्वारा लगाए गए पोस्टर में अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए गए हैं, जबकि मामले में एफआईआर दर्ज होने के साथ प्रदेशभर में शिकायतों का सिलसिला जारी है।

UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मौलाना जरजिस अंसारी के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। भाजपा नेता की ओर से शहर में लगाए गए पोस्टर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए गए हैं। पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

पोस्टर में लिखा गया है, “मौलवी हैं अखिलेश का पोषित, श्रीकृष्ण हुए मुसलमान घोषित?” इसके साथ अखिलेश यादव की तस्वीर लगाकर उनसे इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि यह पोस्टर भाजपा नेता मनीष यादव की ओर से लगवाया गया है।

क्या है पूरा विवाद?

हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मौलाना जरजिस अंसारी भगवान श्रीकृष्ण को “पांच वक्त का नमाजी” बताते हुए नजर आए। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के एक श्लोक का हवाला दिया और कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ईश्वर की इबादत का संदेश देते थे।

इस बयान के सामने आने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों, संतों और कई राजनीतिक नेताओं ने इसका विरोध किया। भाजपा नेताओं ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना

भाजपा का आरोप है कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। इसी को लेकर पोस्टर के माध्यम से अखिलेश यादव से सवाल पूछा गया कि आखिर उन्होंने अब तक इस बयान की निंदा क्यों नहीं की।

हालांकि, इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

एफआईआर दर्ज, कई जिलों में शिकायतें

मामले को लेकर लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में मौलाना जरजिस अंसारी के खिलाफ बड़ी संख्या में शिकायतें और तहरीरें दी गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्यभर में 95 से अधिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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राजनीतिक माहौल हुआ गरम

पोस्टर विवाद के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर भाजपा इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विपक्ष को घेर रही है, वहीं दूसरी ओर अब सभी की नजर इस बात पर है कि समाजवादी पार्टी इस पूरे विवाद पर क्या आधिकारिक रुख अपनाती है।

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