Kolkata News-फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों का इस्तेमाल कर सकेगी ममता की पार्टी, हाई कोर्ट ने पुराना आदेश बरकरार रखा

Kolkata News: Mamata's party will be able to use three frozen bank accounts; High Court upholds earlier order.

Kolkata News-तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर जारी विवाद के बीच पार्टी के बैंक खातों और फंड के संचालन को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को अहम आदेश दिया। अदालत ने चुनाव आयोग के हालिया अंतरिम निर्देश के बावजूद अपने पहले के आदेश में बदलाव करने से इनकार कर दिया।

न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग ने अभी पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। आयोग का मौजूदा आदेश उपचुनाव के मद्देनजर अंतरिम व्यवस्था के तौर पर है। ऐसे में बैंक खातों के संचालन को लेकर अदालत का पहले का आदेश फिलहाल प्रभावी रहेगा।

29 जनवरी तक जारी रहेगी व्यवस्था

अदालत ने पहले नियुक्त किए गए विशेष अधिकारी की निगरानी में पार्टी के तीन बैंक खातों से आवश्यक खर्च की व्यवस्था को आगे बढ़ा दिया है। यह अंतरिम व्यवस्था 29 जनवरी 2027 तक या अगले आदेश तक लागू रहेगी।

इस व्यवस्था के तहत पार्टी के रोजमर्रा के जरूरी खर्च और अन्य अनुमत भुगतान विशेष अधिकारी की निगरानी में किए जा सकते हैं। खातों से धन निकालने की प्रक्रिया भी अदालत द्वारा निर्धारित निगरानी व्यवस्था के तहत होगी।

चुनाव आयोग के आदेश का क्या असर पड़ा?

चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके पारंपरिक चुनाव चिह्न को लेकर दोनों गुटों के बीच चल रहे विवाद के दौरान उपचुनाव के लिए अंतरिम व्यवस्था लागू की है। इसके तहत मूल नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है और दोनों पक्षों के लिए अलग पहचान तय की गई है। आयोग का अंतिम फैसला अभी बाकी है।

इसी आधार पर राज्य सरकार की ओर से अदालत में दलील दी गई कि जिस नाम से बैंक खातों का मामला दायर किया गया था, चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के बाद उस नाम के इस्तेमाल की स्थिति बदल गई है। इसलिए मामले की सुनवाई पर भी इसका प्रभाव पड़ना चाहिए।

हाईकोर्ट ने क्यों नहीं बदला अपना फैसला?

अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग का आदेश फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं है। पार्टी की मान्यता और दोनों गुटों के दावों पर अंतिम फैसला आने तक बैंक खातों से जुड़े पहले के न्यायिक निर्देश को केवल अंतरिम चुनावी व्यवस्था के आधार पर बदला नहीं जा सकता।

राज्य सरकार ने अदालत के सामने यह आशंका भी रखी कि यदि बाद में चुनाव आयोग किसी एक गुट को पार्टी के रूप में मान्यता देता है, तो मौजूदा व्यवस्था का क्या प्रभाव होगा। अदालत ने फिलहाल अपने पहले के आदेश को जारी रखना उचित माना।

पुलिस जांच की रिपोर्ट भी दाखिल

यह पूरा मामला पार्टी के कुछ बैंक खातों को पुलिस की कार्रवाई के बाद फ्रीज किए जाने से शुरू हुआ था। इसके बाद तृणमूल की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।

जुलाई में अदालत ने तीन फ्रीज खातों के संचालन के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किया था। कोर्ट ने कहा था कि इन खातों से पार्टी के आवश्यक दैनिक खर्च और कर्मचारियों के वेतन जैसे भुगतान निर्धारित निगरानी के तहत किए जा सकते हैं।

अदालत ने पुलिस को खातों से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश भी दिया था। सोमवार की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष दाखिल कर दी।

फिलहाल पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर चुनाव आयोग की अंतिम स्थिति तथा बैंक खातों पर हाईकोर्ट की अंतरिम व्यवस्था—दोनों अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं के रूप में जारी हैं।

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