
Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश के मौजूदा हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात बन रहे हैं। खरगे ने बताया कि वह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे देश की मौजूदा परिस्थितियों पर अपनी चिंता जाहिर करेंगे। खरगे के मुताबिक, इस मुलाकात में वे कोई मांग रखने के बजाय हाथ जोड़कर मुख्य न्यायाधीश से अपनी बात कहेंगे और उनसे अनुरोध करेंगे।
CJI से मुलाकात के लिए खरगे और राहुल गांधी ने लिखा पत्र
मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि उन्होंने और राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखा है। मुलाकात के लिए सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच का समय तय होने की जानकारी भी उन्होंने दी। खरगे ने कहा कि वे मुख्य न्यायाधीश से किसी तरह की मांग करने नहीं जा रहे हैं, बल्कि देश में जो कुछ हो रहा है, उससे उन्हें अवगत कराना चाहते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मुलाकात के तरीके को लेकर स्पष्ट किया कि वे विनम्रता के साथ अपनी बात रखेंगे। उनके बयान से संकेत मिलता है कि कांग्रेस नेतृत्व चुनाव आयोग से जुड़े विवाद और हाल के प्रदर्शनों के दौरान सामने आई परिस्थितियों को लेकर अपनी चिंताएं न्यायपालिका के सामने रखना चाहता है।
पीएम मोदी और गृह मंत्री पर लगाए आरोप
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश में अव्यवस्था का माहौल बन रहा है। उन्होंने मौजूदा स्थिति की तुलना अघोषित आपातकाल से की। कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, उनकी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रही है।
हालांकि, देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात होने का आरोप कांग्रेस का राजनीतिक दावा है। इस मुद्दे पर सरकार और भाजपा का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम को विपक्ष के आरोपों और सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया, दोनों के संदर्भ में देखना जरूरी होगा।
32 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती पर भी उठाए सवाल
दिल्ली में हालिया प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी खरगे ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि करीब 32 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। खरगे ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती सरकार के डर को दर्शाती है।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष तथा चुनाव आयोग के बीच विवाद चर्चा में है। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
चुनाव आयोग विवाद के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता जरूरी है। दूसरी ओर, भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताते हुए संस्थाओं पर सवाल उठाने की आलोचना करती रही है।
ऐसे माहौल में खरगे और राहुल गांधी की मुख्य न्यायाधीश से प्रस्तावित मुलाकात पर नजरें रहेंगी। यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस नेता अपनी चिंताओं को किस रूप में रखते हैं और मुलाकात के बाद इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।



