
Uttar Pradesh News: शारदीय नवरात्रि के द्वितीय दिवस के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से काशी की अधिष्ठात्री शक्ति स्वरूपा मां विशालाक्षी के लिए श्रृंगार सामग्री बाबा श्री विश्वेश्वर को विधि-विधानपूर्वक अवलोकित कराने के उपरांत अर्पित की गई।

इस अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में शास्त्रियों द्वारा नवदुर्गा सप्तशती का विधिवत पाठ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न इस धार्मिक अनुष्ठान में मां दुर्गा की आराधना करते हुए लोककल्याण, सुख-समृद्धि, शांति एवं मंगल की कामना की गई। नवदुर्गा सप्तशती का पाठ शक्ति उपासना की महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है, जो श्रद्धालुओं को भक्ति, आत्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश प्रदान करता है।

काशी की धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान भगवान शिव और मां आदिशक्ति की उपासना से अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। बाबा श्री काशी विश्वनाथ की नगरी में शैव और शाक्त परंपराओं का समन्वय सनातन संस्कृति की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को अभिव्यक्त करता है। शारदीय नवरात्रि का पर्व इसी परंपरा के अंतर्गत मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना, साधना और उपासना का विशेष अवसर प्रदान करता है।

श्री काशी विश्वनाथ धाम में नवरात्रि के अवसर पर आयोजित ये धार्मिक अनुष्ठान काशी की सनातन सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने के प्रति श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इस पावन अवसर पर मां भगवती से समस्त श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की गई।
हर-हर महादेव!
॥ श्री काशीविश्वनाथो विजयतेतराम् ॥



