India Japan Relations: जापान के पूर्व मंत्री ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी के लिए भारत को ठहराया जिम्मेदार, बढ़ा विवाद

India Japan Relations: भारत और जापान की महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना को लेकर नया विवाद सामने आया है। जापान के पूर्व उप अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री हिदेकी माकिहारा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर परियोजना में हुई देरी के लिए भारतीय पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। उनकी टिप्पणी के बाद भारत में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

हिदेकी माकिहारा, जो अपने कार्यकाल के दौरान इस परियोजना से जुड़े रहे थे, ने 15 जुलाई को किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि परियोजना से संबंधित बैठकों और वार्ताओं के दौरान भारतीय पक्ष की कार्यशैली में लापरवाही देखने को मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने कई महत्वपूर्ण वादों और प्रतिबद्धताओं को समय पर पूरा नहीं किया, जिसके कारण परियोजना की प्रगति प्रभावित हुई।

माकिहारा की इस टिप्पणी को भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने तुरंत मुद्दा बनाया। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने इसे भारत के लिए शर्मनाक स्थिति बताया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच रणनीतिक महत्व की इस परियोजना को जिस तरह से संभाला गया है, उससे सरकार की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल खड़े होते हैं। खेड़ा ने आरोप लगाया कि अब सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना विदेशी अधिकारी भी खुले तौर पर कर रहे हैं।

हालांकि, भारत सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि यह एक व्यक्ति की व्यक्तिगत राय है और इसका वास्तविक तथ्यों से कोई मेल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना पर भारत और जापान के बीच सहयोग सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, परियोजना का निर्माण कार्य तेज गति से जारी है और दोनों देशों के बीच पहले चरण को वर्ष 2027 तक शुरू करने पर सहमति बनी हुई है। जायसवाल ने यह भी बताया कि जापान की नई पीढ़ी की ई20 शिंकानसेन ट्रेनें अभी विकास के चरण में हैं और उनके 2030 के शुरुआती वर्षों से पहले उपलब्ध होने की संभावना नहीं है। इसी कारण दोनों देशों ने शुरुआती संचालन भारतीय हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक के साथ शुरू करने पर सहमति व्यक्त की है।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है, जिसे जापान के तकनीकी और वित्तीय सहयोग से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना को भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक माना जाता है। हालांकि भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरियों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते परियोजना की समयसीमा कई बार प्रभावित हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जापान के पूर्व मंत्री की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब दोनों देश बुनियादी ढांचा, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह के सार्वजनिक बयान दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग पर चर्चा को नया आयाम दे सकते हैं।

फिलहाल भारत सरकार का कहना है कि परियोजना निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़ रही है और दोनों देशों के बीच साझेदारी पहले की तरह मजबूत बनी हुई है। आने वाले वर्षों में इस परियोजना की प्रगति पर भारत और जापान दोनों की नजरें टिकी रहेंगी।

Show More

Related Articles

Back to top button