Woollen Clothes Smell: ऊनी कपड़ों से आ रही है सीलन की बदबू? धुलाई के दौरान अपनाएं ये आसान तरीके

Woollen Clothes Smell: स्वेटर और गर्म कपड़ों में नमी के कारण बदबू आ सकती है। सफेद सिरका और बेकिंग सोडा मददगार हो सकते हैं, लेकिन ऊनी कपड़ों को धोते समय केयर लेबल का ध्यान रखना जरूरी है

Woollen Clothes Smell: सर्दियों में स्वेटर, शॉल और दूसरे ऊनी कपड़े गर्माहट देते हैं, लेकिन लंबे समय तक अलमारी में रखे रहने या ठीक से न सूखने पर इनमें सीलन जैसी गंध आने लगती है। कई बार कपड़े धोने के बाद भी बदबू बनी रहती है। इसकी एक प्रमुख वजह कपड़ों में नमी का रह जाना हो सकता है।

नम वातावरण में बैक्टीरिया और फफूंद पनपने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में पसीने से नम हुए कपड़े, धुलाई के बाद देर तक मशीन में पड़े कपड़े या पूरी तरह सूखे बिना अलमारी में रखे स्वेटर से अप्रिय गंध आ सकती है। हालांकि, सही तरीके से सफाई और सुखाने से इस समस्या को कम किया जा सकता है।

ऊनी कपड़ों की बदबू कम करने के लिए सफेद सिरके का इस्तेमाल

ऊनी कपड़ों में सीलन की गंध महसूस हो रही है, तो सफेद सिरका एक विकल्प हो सकता है। इसकी हल्की अम्लीय प्रकृति कुछ तरह की गंध को कम करने में मदद करती है। सामान्य कपड़ों की धुलाई में इसे सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है।

हालांकि, ऊनी कपड़ों पर सिरका डालने से पहले उनके केयर लेबल को जरूर पढ़ें। हर तरह के ऊन और मिश्रित फैब्रिक की धुलाई के निर्देश अलग हो सकते हैं। यदि लेबल पर मशीन वॉश की अनुमति है, तभी संबंधित निर्देशों के अनुसार धुलाई करें। सिरके को सीधे कपड़े पर डालने के बजाय मशीन के उपयुक्त डिस्पेंसर में डालना बेहतर है। इसकी मात्रा के लिए मशीन और कपड़े के निर्माता के निर्देशों का पालन करें।

बदबू दूर करने में बेकिंग सोडा भी हो सकता है मददगार

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कुछ कपड़ों से आने वाली गंध को कम करने के लिए किया जाता है। यह गंध पैदा करने वाले कुछ अम्लीय तत्वों को न्यूट्रलाइज करने में मदद कर सकता है।

लेकिन ऊनी कपड़ों के मामले में सावधानी जरूरी है। बेकिंग सोडा या किसी दूसरे घरेलू क्लीनर का इस्तेमाल तभी करें, जब कपड़े के केयर निर्देश इसकी अनुमति देते हों। ऊन नाजुक फाइबर होता है, इसलिए तेज केमिकल या गलत तरीके से की गई धुलाई से उसकी बनावट प्रभावित हो सकती है।

धुलाई के बाद कपड़ों को मशीन में न छोड़ें

ऊनी कपड़ों को धोने के बाद लंबे समय तक वॉशिंग मशीन में छोड़ देना बदबू बढ़ा सकता है। धुलाई पूरी होते ही कपड़ों को बाहर निकालें और केयर लेबल के मुताबिक सुखाने की व्यवस्था करें।

यदि कपड़े को हाथ से धोने की सलाह दी गई है, तो उसे हल्के हाथों से साफ करें। कपड़े को जोर से मरोड़ने या निचोड़ने से बचें, क्योंकि इससे उसका आकार बिगड़ सकता है। अतिरिक्त पानी निकालने के लिए साफ तौलिये के बीच रखकर हल्के हाथ से दबाया जा सकता है।

ऊनी कपड़ों को पूरी तरह सुखाना है जरूरी

स्वेटर या शॉल को अलमारी में रखने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह सूख चुके हैं। मोटे ऊनी कपड़ों में अंदर तक नमी रह सकती है, भले ही उनकी ऊपरी सतह सूखी महसूस हो।

कपड़ों को ऐसी जगह सुखाएं जहां हवा का अच्छा आवागमन हो। कई ऊनी कपड़ों को हैंगर पर टांगने के बजाय साफ और सूखी सतह पर फैलाकर सुखाना बेहतर होता है, ताकि उनका आकार न बिगड़े। तेज धूप या ड्रायर का इस्तेमाल करने से पहले केयर लेबल जरूर देखें।

गीले ऊनी कपड़ों को बंद टोकरी में न रखें

अगर स्वेटर पसीने या बारिश के कारण नम हो गया है, तो उसे लंबे समय तक बंद कपड़ों की टोकरी में न रखें। नमी और कम हवा वाली जगह में रहने से सीलन की गंध बढ़ सकती है।

ऐसे कपड़े को पहले हवा लगने दें और फिर जरूरत के अनुसार साफ करें। धुले हुए ऊनी कपड़ों को भी पूरी तरह सुखाने के बाद ही अलमारी में रखें।

वॉशिंग मशीन की सफाई पर भी दें ध्यान

कभी-कभी कपड़ों में बार-बार बदबू आने की वजह वॉशिंग मशीन के अंदर जमा गंदगी या फफूंद भी हो सकती है। मशीन के ड्रम, रबर सील और डिटर्जेंट ट्रे में नमी या गंदगी जमा होने से अप्रिय गंध पैदा हो सकती है।

इसलिए मशीन की नियमित सफाई करें। इसके लिए निर्माता की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करें। धुलाई के बाद मशीन का दरवाजा कुछ समय खुला रखने से अंदर की नमी कम होने में मदद मिल सकती है।

ऊनी कपड़ों की देखभाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • धुलाई से पहले कपड़े का केयर लेबल पढ़ें।
  • ऊन के लिए निर्धारित माइल्ड डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें।
  • गर्म पानी और तेज रगड़ से बचें, जब तक लेबल इसकी अनुमति न दे।
  • कपड़ों को धोने के बाद देर तक मशीन में न छोड़ें।
  • स्वेटर और शॉल को पूरी तरह सुखाकर ही अलमारी में रखें।
  • बदबू बार-बार आए तो अलमारी और वॉशिंग मशीन की सफाई भी जांचें।

ऊनी कपड़ों की बदबू दूर करने का सबसे जरूरी तरीका है नमी को जमा न होने देना। सफेद सिरका या बेकिंग सोडा कुछ परिस्थितियों में मदद कर सकते हैं, लेकिन हर ऊनी कपड़े पर इनका इस्तेमाल सही नहीं होता। कपड़े के केयर लेबल के अनुसार सफाई और सुखाने से उसकी गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलती है।

written by Siddhi Srivastava

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