
International News: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि उनकी हत्या की जाती है या ऐसी कोई कोशिश होती है, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई करेगा। ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि उन्होंने अमेरिकी सेना को पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। उनका दावा है कि यदि ईरान उनकी हत्या या हत्या की साजिश को अंजाम देने की कोशिश करता है, तो अमेरिका तत्काल जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की ओर हजारों मिसाइलें निशाना बनाकर तैयार रखी गई हैं और जरूरत पड़ने पर अमेरिकी जवाब उससे भी अधिक व्यापक होगा।
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी कहा कि वह लंबे समय से ईरान की कथित “किल लिस्ट” में शामिल रहे हैं। हालांकि उन्होंने उन रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि इजरायल की खुफिया एजेंसी ने उन्हें ईरान की ओर से हत्या की संभावित साजिश को लेकर विशेष चेतावनी दी थी।
दूसरी ओर, ईरान की तरफ से भी सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के सर्वोच्च नेता के एक वरिष्ठ सलाहकार मोहसेन रेजाई ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के लिए इतनी रणनीतिक अहमियत रखता है कि उसकी तुलना दर्जनों परमाणु बमों से भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा हर कीमत पर सुनिश्चित की जाएगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर डाल सकता है।
इसी बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत फिर शुरू कराने के लिए कतर के मध्यस्थ सक्रिय बताए जा रहे हैं। ट्रंप ने भी संकेत दिया कि तेहरान की ओर से बातचीत की इच्छा जताए जाने के बाद अमेरिका वार्ता जारी रखने के लिए तैयार है, हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि दोनों देशों के बीच पहले का संघर्ष-विराम अब प्रभावी नहीं माना जा रहा।
मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास सफल होते हैं या तनाव और बढ़ता है, यह क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होगा।



