
Disha Salian Case: दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में एक और कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों नेताओं के कुछ बयानों पर आपत्ति जताते हुए सार्वजनिक माफी और कथित आपत्तिजनक बयानों को वापस लेने की मांग की गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब दिशा सालियान की 2020 में हुई मौत की जांच को लेकर CBI की FIR के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक, CBI ने 14 सितंबर को FIR दर्ज की थी और इसमें आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों के नाम जांच के संदर्भ में सामने आए हैं। हालांकि, किसी FIR में नाम दर्ज होना अपने आप में अपराध या दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले की जांच अभी जारी है।
नोटिस में क्या मांग की गई?
सतीश सालियान की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने को कहा गया है। इसके साथ ही उनके बयानों को वापस लेने और ₹500 करोड़ की क्षतिपूर्ति देने की मांग की गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, दोनों को इन मांगों पर जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। नोटिस में सतीश सालियान की ओर से यह आपत्ति दर्ज कराई गई है कि उनकी बेटी की मौत की नए सिरे से जांच की मांग को राजनीतिक मकसद से जोड़कर पेश किया गया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।
आदित्य ठाकरे ने क्या कहा था?
मानहानि नोटिस से पहले आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी भी तरह की पहचान या मुलाकात से इनकार किया था। 16 सितंबर को अपने बयान में उन्होंने कहा था कि उन्होंने दिशा को कभी नहीं जाना और न ही उनसे मुलाकात की।
ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया था कि पिछले कई वर्षों से कुछ लोग राजनीतिक और निजी कारणों से उनका नाम दिशा सालियान की मौत से जोड़ते रहे हैं। उन्होंने इसे अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताया और कहा कि मामले की आधिकारिक जांच बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के आगे बढ़नी चाहिए।
यानी एक तरफ आदित्य ठाकरे अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर दिशा के पिता ने उनके बयानों को लेकर कानूनी रास्ता अपनाया है।
CBI जांच में क्या हुआ?
दिशा सालियान की मौत जून 2020 में मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। शुरुआती जांच में इसे दुर्घटना के तौर पर दर्ज किया गया था। बाद में सतीश सालियान ने मामले की नए सिरे से जांच की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया।
बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने मामले की जांच शुरू की और 14 सितंबर को FIR दर्ज की। मीडिया रिपोर्टों में FIR में आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और रिया चक्रवर्ती समेत कई नामों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों, मेडिकल स्टाफ और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जांच के दौरान किसी व्यक्ति का नाम FIR में होना उसके खिलाफ आरोप सिद्ध होने के बराबर नहीं है। CBI की जांच में संबंधित लोगों की भूमिका और मामले के अन्य पहलुओं की जांच की जानी है।
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अब आगे क्या होगा?
₹500 करोड़ के मानहानि नोटिस के बाद इस मामले का कानूनी पक्ष और महत्वपूर्ण हो गया है। सतीश सालियान ने दोनों नेताओं से सार्वजनिक माफी और बयान वापस लेने की मांग की है। अब सात दिन की समयसीमा के भीतर आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख की ओर से क्या जवाब दिया जाता है, इस पर नजर रहेगी।
वहीं दिशा सालियान की मौत की CBI जांच भी आगे बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले समय में जांच एजेंसी की कार्रवाई और अदालत में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे की कानूनी दिशा क्या रहती है।



