
Dinesh Sharma News-अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के नवनियुक्त उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने के बाद राष्ट्रीय स्मारक सेल्युलर जेल पहुंचकर स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। शपथ के तुरंत बाद उनका सेल्युलर जेल जाना ऐतिहासिक स्मृतियों और संवैधानिक दायित्व के बीच जुड़ाव के प्रतीक के रूप में देखा गया।
15 सितंबर 2026 को श्री विजयपुरम स्थित लोक निवास में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रविंद्र विठ्ठलराव घुगे ने डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के 14वें उपराज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान प्रशासन के मुख्य सचिव ज्ञानेश भारती ने नियुक्ति वारंट पढ़ा।
शपथ ग्रहण के बाद डॉ. शर्मा राष्ट्रीय स्मारक सेल्युलर जेल पहुंचे। उन्होंने शहीद स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानियों को नमन किया। इसके साथ ही उन्होंने वीर विनायक दामोदर सावरकर की उस कोठरी का भी अवलोकन किया, जहां ब्रिटिश शासन के दौरान उन्हें कैद रखा गया था। उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार भी दर्ज किए।
इतिहास की स्मृति से जुड़ा संदेश
सेल्युलर जेल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ा प्रमुख राष्ट्रीय स्मारक है। अंडमान की पहचान जहां एक ओर पर्यटन और प्राकृतिक सुंदरता से जुड़ी है, वहीं स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में भी इसका विशेष स्थान है। ब्रिटिश शासन के दौरान यहां स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े अनेक लोगों को कठोर कारावास में रखा गया था।
शपथ ग्रहण के बाद स्मारक पहुंचकर श्रद्धांजलि देने को इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि संवैधानिक पद संभालने वाला व्यक्ति अपने दायित्वों के साथ देश के स्वतंत्रता संघर्ष की स्मृतियों को भी याद रखे।
सावरकर की कोठरी का किया अवलोकन
डॉ. शर्मा ने सेल्युलर जेल में वीर सावरकर से जुड़ी कोठरी को भी देखा। सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के चर्चित ऐतिहासिक व्यक्तित्व रहे हैं और उनकी राजनीतिक विचारधारा तथा भूमिका को लेकर अलग-अलग मत रहे हैं। सेल्युलर जेल में उनकी कैद भारतीय औपनिवेशिक इतिहास का दर्ज हिस्सा है।
अंडमान के विकास की बड़ी जिम्मेदारी
अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का महत्व केवल ऐतिहासिक विरासत तक सीमित नहीं है। बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर क्षेत्र में इसकी भौगोलिक स्थिति इसे सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाती है। ऐसे में उपराज्यपाल के सामने प्रशासन, द्वीपों की कनेक्टिविटी, आधारभूत ढांचे, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी।
शपथ ग्रहण के बाद सेल्युलर जेल की यात्रा ने डॉ. दिनेश शर्मा के पदभार ग्रहण को ऐतिहासिक स्मृतियों से जोड़ दिया। शहीदों को नमन के साथ शुरू हुई यह प्रशासनिक यात्रा इस संदेश को रेखांकित करती है कि संवैधानिक पद के साथ अधिकारों के अलावा जनसेवा, जवाबदेही और राष्ट्र की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
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