Bangladesh News : बांग्लादेश में हिंदू परिवार के चार लोगों की हत्या, आरोपियों ने रातभर घर में रहकर खाया-पीया और नशा किया

Bangladesh News : बांग्लादेश के रंगपुर में हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी हत्या के बाद रातभर घर में रहे, खाना खाया, नहाए और याबा का सेवन किया।

Bangladesh News : बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर परिवार के सदस्यों की हत्या करने के बाद भागने के बजाय पूरी रात उसी घर में बिताई। उन्होंने घर में खाना खाया, नहाया और नशीले पदार्थ याबा का सेवन किया। इसके बाद शुक्रवार सुबह इलाके में शांति होने पर घर से निकल गए।

पुलिस ने आरोपियों की पहचान सिद्धार्थ दास (23) और मुग्धा दास (19) के रूप में की है। दोनों रंगपुर के माचुआपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं, जहां यह वारदात हुई। दोनों को रंगपुर शहर के दाखिगंज श्मशान घाट से हिरासत में लिया गया।

घर में घुसकर परिवार को बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार, वारदात गुरुवार रात कमल काछना इलाके के माचुआपाड़ा में हुई। आरोपियों ने कथित तौर पर पड़ोसी इमारत के रास्ते गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर प्रवेश किया था। पुलिस का कहना है कि दोनों वहां याबा का सेवन कर रहे थे।

आवाज सुनकर गणपति चक्रवर्ती छत पर पहुंचे और दोनों युवकों से वहां मौजूद होने का कारण पूछा। पुलिस के मुताबिक, पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने उनके गले में मौजूद गमछे से उनका गला घोंट दिया। शोर सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता भी ऊपर पहुंचीं, जिन्हें कथित तौर पर सीढ़ियों पर कपड़े से गला घोंटकर मार दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, परिवार की बेटी प्रार्थी और 12 वर्षीय बेटे प्रियम की भी हत्या कर दी गई। प्रियम का शव घर के अंदर एक बेड के नीचे मिला।

हत्या के बाद भी रातभर घर में रहे

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि हत्या के बाद आरोपी तुरंत घर से नहीं भागे। पुलिस के अनुसार, दोनों रातभर घर के अंदर रहे। उन्होंने बाथरूम में नहाया, खाने की मेज पर रखे खजूर खाए और याबा का सेवन जारी रखा।

आरोपियों ने कथित तौर पर गणपति और प्रीतिलता के मोबाइल फोन को पानी और वॉशिंग पाउडर के मिश्रण में भिगोया, ताकि फोन से उनके फिंगरप्रिंट हटाए जा सकें। इसके बाद घर में सामान बिखेरकर वारदात को लूट के दौरान हुई हत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार सुबह नमाज के दौरान इलाके में अपेक्षाकृत शांति होने पर दोनों आरोपी घर से निकल गए। चोरी किए गए सोने के आभूषण उन्होंने घर के पास एक मंदिर के पीछे सुनसान जगह पर छिपा दिए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर आभूषण बरामद करने का दावा किया है।

दो दिन बाद मिला परिवार का शव

मृतकों की पहचान गणपति चक्रवर्ती (65), उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती (50), बेटी अगामी चक्रवर्ती प्रार्थी (23) और बेटे प्रियम चक्रवर्ती (12) के रूप में हुई है। गणपति रंगपुर जिला स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक थे और बाद में होम्योपैथिक चिकित्सक के तौर पर काम करते थे। उनकी बेटी मास्टर डिग्री की छात्रा थी, जबकि बेटा रंगपुर जिला स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ता था।

परिवार के सदस्य और पड़ोसी गुरुवार रात से ही उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे थे। घर के चारों मोबाइल फोन बंद थे। शनिवार रात परिजन घर पहुंचे तो मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। सूचना पर पुलिस और दमकलकर्मी रात करीब 10:45 बजे मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़ा।

घर की तलाशी में चारों के शव मिले। पुलिस के अनुसार गणपति का शव छत पर, प्रीतिलता और प्रार्थी के शव सीढ़ियों के पास और प्रियम का शव बेड के नीचे मिला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए रंगपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।

पुलिस ने जताया लूट का शक, फिर आरोपियों तक पहुंची जांच

क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और घर को सील कर दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को लगा था कि हत्या लूट के इरादे से की गई है। हालांकि संयुक्त जांच के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान की।

रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस, CID और डिटेक्टिव ब्रांच की संयुक्त जांच में दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस आयुक्त मोहम्मद अब्दुल माबूद के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान परिवार के चारों सदस्यों की हत्या की बात कबूल की है। मामले में हत्या का केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि परिवार का किसी व्यक्ति से ज्ञात विवाद या दुश्मनी नहीं थी। मामले में हत्या के पीछे वास्तविक उद्देश्य और अन्य संभावित पहलुओं की जांच जारी है।

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