अटल जी की वो भविष्यवाणी, जो आज भी गूंजती है: ‘अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा’, पुण्यतिथि पर PM मोदी ने किया नमन

अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर PM मोदी और अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, 1980 के उस ऐतिहासिक भाषण की भी हुई चर्चा जिसमें अटल जी ने कहा था- ‘अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा।’

पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के संस्थापक नेताओं में शामिल अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने अटल जी को असाधारण राजनेता और दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उनकेsubtittle विचार और प्रयास आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। इसी मौके पर अटल बिहारी वाजपेयी का करीब 38 साल पुराना वह भाषण भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने कहा था- ‘अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा।’

पुण्यतिथि पर पीएम मोदी ने अटल जी को किया याद

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने कहा कि अटल जी एक असाधारण राजनेता थे, जिनकी दूरदृष्टि अद्भुत थी। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि अटल जी के विचारों और उनके प्रयासों ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। साथ ही, उनके नेतृत्व ने देश को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुशासन और जनकल्याण को लेकर अटल जी की सोच आज भी देश का मार्गदर्शन करती है।

अमित शाह ने भी अटल बिहारी वाजपेयी को किया नमन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए उन्हें महान देशभक्त और मूल्य आधारित राजनीति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपने जीवन का हर क्षण देश की सेवा के लिए समर्पित किया।

अमित शाह ने अटल जी के नेतृत्व में हुए परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया के सामने भारत की ताकत का परिचय कराया। वहीं, उनकी राजनीति में अंत्योदय और सुशासन जैसे विचारों को भी विशेष स्थान मिला।

1980 में अटल जी ने कही थी बड़ी बात

अटल बिहारी वाजपेयी का वह भाषण आज भी बीजेपी के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दिसंबर 1980 में मुंबई में भारतीय जनता पार्टी का पहला अधिवेशन आयोजित हुआ था। इसी अधिवेशन में अटल बिहारी वाजपेयी ने पार्टी के पहले अध्यक्ष के तौर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था।

अपने भाषण में उन्होंने अध्यक्ष पद को सिर्फ सम्मान या प्रतिष्ठा का पद मानने के बजाय इसे जिम्मेदारी और चुनौती बताया था। उन्होंने कहा था कि यह पद अलंकार नहीं, बल्कि दायित्व है और प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि परीक्षा है।

‘अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा’

अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने भाषण के अंत में ऐसी पंक्ति कही, जो आने वाले दशकों में बीजेपी की राजनीतिक यात्रा का प्रतीक बन गई।

‘अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा।’

उस वक्त बीजेपी अपने शुरुआती दौर में थी और देश की राजनीति में उसकी भूमिका सीमित थी। लेकिन अटल जी ने कार्यकर्ताओं के सामने जिस आत्मविश्वास के साथ भविष्य की तस्वीर रखी, वह बाद के वर्षों में पार्टी की राजनीतिक यात्रा के संदर्भ में बार-बार याद की गई।

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अटल जी की विरासत आज भी बीजेपी के लिए प्रेरणा

अटल बिहारी वाजपेयी सिर्फ बीजेपी के नेता ही नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्हें उनके राजनीतिक विरोधी भी सम्मान देते थे। उनकी पहचान एक कुशल वक्ता, प्रभावशाली सांसद और सर्वसम्मति बनाने वाले राजनेता के तौर पर रही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर बीजेपी के तमाम नेता आज भी अटल जी की राजनीतिक सोच, सुशासन और राष्ट्रसेवा के विचारों को पार्टी के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हैं। उनकी पुण्यतिथि पर एक बार फिर उनका पुराना भाषण और ‘अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा’ का संदेश राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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