
Aaqib Nabi: भारतीय क्रिकेट टीम में जसप्रीत बुमराह की जगह शामिल किए गए जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी के लिए श्रीलंका दौरे का अभ्यास मैच यादगार नहीं रहा। कोलंबो के एनसीसी ग्राउंड पर श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले में भारतीय जर्सी में पहली बार मैदान पर उतरे आकिब नबी गेंद से अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे। मैच के शुरुआती दो दिन उन्हें मैदान पर खेलने का मौका नहीं मिला, जबकि तीसरे और आखिरी दिन उन्हें गेंदबाजी का अवसर दिया गया। हालांकि, उनका पहला स्पेल बेहद साधारण रहा और वह 5 ओवर में बिना कोई विकेट लिए 27 रन खर्च कर बैठे।
29 वर्षीय आकिब नबी को मुकाबले के शुरुआती दिनों में प्लेइंग ग्रुप का हिस्सा होते हुए भी मैदान पर ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाने का मौका नहीं मिला। वह न तो पहली पारी में गेंदबाजी करते नजर आए और न ही बल्लेबाजी या फील्डिंग में उनकी भूमिका दिखाई दी। तीसरे दिन जब उन्हें गेंदबाजी का मौका मिला तो वह पहले बदलाव के रूप में आक्रमण पर आए। भारतीय टीम को उम्मीद थी कि नबी अपनी गति और घरेलू क्रिकेट के अनुभव से श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं, लेकिन शुरुआती स्पेल में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला।
आकिब नबी ने कुल 5 ओवर गेंदबाजी की और इस दौरान 27 रन दिए। उनके ओवरों में श्रीलंका के बल्लेबाजों ने पांच चौके लगाए। सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि नबी को पिच से कोई खास मदद नहीं मिली। वह गेंद को हवा में स्विंग कराने में भी सफल नहीं रहे और ज्यादातर गेंदें ऑफ स्टंप के बाहर डालते रहे। ऐसे में बल्लेबाजों को उनके खिलाफ खुलकर शॉट खेलने का मौका मिला। हालांकि यह सिर्फ एक अभ्यास मैच है, लेकिन भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे नबी के लिए यह प्रदर्शन निश्चित तौर पर बहुत प्रभावशाली नहीं रहा।
नबी को भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किए जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण जसप्रीत बुमराह का चोटिल होकर सीरीज से बाहर होना है। बुमराह की अनुपस्थिति में भारतीय टीम को तेज गेंदबाजी विभाग में एक अतिरिक्त विकल्प की जरूरत थी। ऐसे में आकिब नबी को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह दी गई। जम्मू-कश्मीर से आने वाले इस तेज गेंदबाज के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। वह जम्मू-कश्मीर से भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम में चुने जाने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं।
आकिब नबी ने हाल के समय में घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए के लिए अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था। श्रीलंका दौरे पर गई इंडिया ए टीम में भी उन्हें मौका मिला था। वहां उन्होंने दो चार दिवसीय मुकाबलों में कुल छह विकेट हासिल किए थे। लंबे प्रारूप में गेंदबाजी करने की उनकी क्षमता को देखते हुए ही उन्हें टेस्ट टीम के लिए संभावित विकल्प के तौर पर देखा गया। हालांकि, भारतीय टीम के स्तर पर उन्हें अभी खुद को साबित करने के लिए ज्यादा मौके मिलने जरूरी हैं।
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आकिब नबी आईपीएल 2026 में भी नजर आ चुके हैं। वह दिल्ली कैपिटल्स की टीम का हिस्सा रहे और इस अनुभव ने उन्हें बड़े स्तर के क्रिकेट में खेलने का मौका दिया। आईपीएल में अलग-अलग परिस्थितियों और अनुभवी बल्लेबाजों के सामने गेंदबाजी करने से उन्हें काफी अनुभव मिला है। यही वजह है कि भारतीय टीम में शामिल होने के बाद उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी।
हालांकि, किसी खिलाड़ी के भविष्य का फैसला केवल एक अभ्यास मैच के पांच ओवर से करना जल्दबाजी होगी। अभ्यास मुकाबलों का उद्देश्य खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुकूल ढालना और टीम प्रबंधन को अलग-अलग विकल्पों को परखने का मौका देना भी होता है। ऐसे में नबी के प्रदर्शन को लेकर अभी अंतिम राय बनाना सही नहीं होगा। खासकर टेस्ट क्रिकेट में एक तेज गेंदबाज को पिच, मौसम और गेंद की स्थिति के अनुसार अपनी लाइन और लेंथ में बदलाव करने का समय चाहिए होता है।
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लेकिन भारतीय टीम में जगह बनाने की चुनौती आसान नहीं है। जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी के बावजूद टीम में तेज गेंदबाजी के कई विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में आकिब नबी को अगर प्लेइंग इलेवन में जगह बनानी है तो उन्हें मिले हर मौके का फायदा उठाना होगा। उन्हें अपनी गति के साथ-साथ गेंद को स्विंग कराने, सही लाइन और लेंथ पर लगातार गेंदबाजी करने और दबाव की स्थिति में विकेट निकालने की क्षमता दिखानी होगी।
फिलहाल श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच में 5 ओवर में 27 रन और शून्य विकेट का आंकड़ा उनके लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। दो दिन मैदान से दूर रहने के बाद तीसरे दिन मिली गेंदबाजी में वह अपनी क्षमता की पूरी झलक नहीं दिखा सके। अब टीम मैनेजमेंट उन्हें आगे कितने मौके देता है और वह उन मौकों में कैसा प्रदर्शन करते हैं, यह देखने वाली बात होगी। जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज की जगह भरना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में आकिब नबी को अपने अगले मौके में सिर्फ रन रोकने ही नहीं, बल्कि विकेट लेकर यह साबित करना होगा कि वह भारतीय टेस्ट टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए तैयार हैं।



