
Voter List Revision 2026: भारत निर्वाचन आयोग ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का कार्यक्रम घोषित किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र नागरिकों, खासकर युवाओं तथा पहली बार मतदान करने जा रहे लोगों के नाम इसमें शामिल करना है। आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 30 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को जारी होगी।
इस फैसले के तहत अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम को शामिल किया गया है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव अब एक ही केंद्र शासित प्रदेश हैं। इसलिए आयोग ने इसे छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में रखा है।
30 नवंबर को जारी होगी मसौदा मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 30 नवंबर 2026 को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और 21 जनवरी 2027 को अंतिम सूची जारी होगी।
मसौदा सूची सामने आने के बाद मतदाता अपने नाम और अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं है या किसी जानकारी में गलती है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार और नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकेगा।
2027 में 18 साल के होने वालों को भी मिलेगा मौका
इस पुनरीक्षण अभियान में उन युवाओं को भी आवेदन करने की सुविधा दी जाएगी, जो वर्ष 2027 में अलग-अलग तारीखों पर मतदान के योग्य होंगे। आयोग के अनुसार, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को पात्र होने वाले नागरिक पहले से आवेदन कर सकेंगे।
इसका उद्देश्य नए मतदाताओं को पंजीकरण का अवसर देना है, ताकि पात्रता की तारीख आने पर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आसान हो सके। खासतौर पर पहली बार वोट डालने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण है।
राज्यों को पर्याप्त कर्मचारी और संसाधन जुटाने के निर्देश
निर्वाचन आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर पुनरीक्षण अभियान के लिए पर्याप्त कर्मचारियों और जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। आयोग चाहता है कि मतदाता सूची को अपडेट करने की पूरी प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी की जाए।
इस काम में चुनाव से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका अहम होगी। आयोग के निर्देशों के अनुसार, संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अभियान के संचालन के लिए जरूरी प्रशासनिक तैयारियां सुनिश्चित करनी होंगी।
क्या है विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का उद्देश्य?
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी Special Summary Revision (SSR) मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया है। इसके तहत नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, मतदाता सूची में मौजूद विवरणों में सुधार करने और निर्धारित नियमों के अनुसार जरूरी बदलाव करने का अवसर मिलता है।
इस अभियान का खास फोकस उन युवाओं पर है, जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर मतदान के योग्य होने वाले हैं। निर्वाचन आयोग की इस पहल से संबंधित छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अपडेट करने का काम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगा। अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी।



