IND vs WI 4th T20: जीत के करीब पहुंचकर हारी टीम इंडिया, उस एक ओवर ने बिगाड़ दिया पूरा खेल

IND vs WI 4th T20: 248 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को तिलक वर्मा और नितीश रेड्डी ने संभाला, लेकिन 18वें ओवर में धीमी बल्लेबाजी के बाद 19वें ओवर में गिरे तीन विकेट

IND vs WI 4th T20:  हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम जीत के करीब पहुंचने के बाद भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए थे, जिसके जवाब में भारत की पारी 24 रन पीछे रह गई। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने सीरीज 2-2 से बराबर कर दी और अब खिताबी फैसला पांचवें टी20 में होना है।

लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी रही। बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से टीम मुश्किल में आ गई, लेकिन तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने साझेदारी करके मुकाबले में फिर जान डाल दी। एक समय भारतीय टीम के पास जीत का मौका दिखाई दे रहा था, मगर आखिरी तीन ओवरों में मैच का रुख बदल गया।

संजू-अभिषेक ने दिलाई मजबूत शुरुआत

248 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। अभिषेक 24 गेंदों पर 29 रन बनाकर आउट हुए, जबकि संजू ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी।

संजू सैमसन ने 23 गेंदों में 56 रन बनाए। उनकी पारी में चार छक्के और छह चौके शामिल रहे। शुरुआती साझेदारी से भारत की उम्मीदें मजबूत हुईं, लेकिन इसके बाद मध्यक्रम के बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।

ईशान किशन छह रन, श्रेयस अय्यर 16 रन और नमन धीर बिना खाता खोले आउट हो गए। जल्दी-जल्दी विकेट गिरने से भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया।

पांच विकेट गिरने के बाद तिलक और नितीश ने संभाली पारी

भारत का स्कोर 130 रन पर पांच विकेट हो गया था। ऐसे समय में तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों के बीच 70 रन की साझेदारी हुई, जिससे भारतीय टीम मुकाबले में वापस लौट आई।

तिलक ने 25 गेंदों में 43 रन बनाए। उनकी पारी ने भारत की उम्मीदों को बनाए रखा, लेकिन 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर रोमारियो शेफर्ड ने उन्हें आउट कर दिया।

तिलक के पवेलियन लौटने के बावजूद भारत की स्थिति पूरी तरह खराब नहीं थी। नितीश रेड्डी क्रीज पर मौजूद थे और अक्षर पटेल नए बल्लेबाज के रूप में आए थे। उस समय भारत को जीत के लिए 18 गेंदों में 48 रन बनाने थे।

18वें ओवर में बने दबाव ने बदला मैच का रुख

मुकाबले का अहम मोड़ 18वां ओवर रहा, जिसे शमार स्प्रिंगर ने डाला। इस ओवर में कोई विकेट नहीं गिरा, लेकिन भारतीय बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके। ओवर की छह गेंदों पर केवल पांच रन आए।

इससे समीकरण अचानक मुश्किल हो गया। अब भारत को 12 गेंदों में 43 रन चाहिए थे। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी दो ओवरों में तेजी से रन बनाना जरूरी था और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने इसी दबाव का फायदा उठाया।

19वें ओवर में तीन विकेट गिरे, भारत की उम्मीदें टूटीं

19वें ओवर में गेंदबाजी की जिम्मेदारी कीमो पॉल को मिली। उनकी पहली गेंद वाइड रही, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा।

ओवर की पहली वैध गेंद पर नितीश कुमार रेड्डी ने छक्का जड़कर उम्मीद जगाई। हालांकि, अगली गेंद पर वह अपना विकेट गंवा बैठे। रेड्डी ने 20 गेंदों में 41 रन की उपयोगी पारी खेली थी।

इसके बाद बल्लेबाजी करने आए प्रिंस यादव अपनी पहली ही गेंद पर बोल्ड हो गए। ओवर की आखिरी गेंद पर अक्षर पटेल भी तीन रन बनाकर कैच आउट हो गए।

इस तरह 19वें ओवर में तीन विकेट गिरने से भारत की जीत की संभावनाएं लगभग समाप्त हो गईं। आखिरी ओवर में जरूरी रन बनाना बेहद मुश्किल हो चुका था।

शाइ होप के शतक ने वेस्टइंडीज को पहुंचाया बड़े स्कोर तक

इससे पहले वेस्टइंडीज ने कप्तान शाइ होप की शानदार बल्लेबाजी के दम पर विशाल स्कोर खड़ा किया था। होप ने शतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

वेस्टइंडीज के 247 रन के जवाब में भारत ने शुरुआती ओवरों में अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन मध्यक्रम के विकेट और आखिरी ओवरों में धीमी रन गति भारी पड़ गई।

सीरीज 2-2 से बराबर, अब पांचवें मैच पर निगाहें

चौथे टी20 में 24 रन की जीत के साथ वेस्टइंडीज ने सीरीज को 2-2 से बराबर कर दिया। अब दोनों टीमों के बीच पांचवां मुकाबला निर्णायक होगा।

यह मैच शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है। सीरीज जीतने के लिए भारतीय टीम को आखिरी मुकाबले में बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

चौथे टी20 का नतीजा बताता है कि बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय अच्छी शुरुआत और मध्यक्रम की साझेदारी के बाद भी आखिरी ओवरों में रन बनाने की गति बनाए रखना कितना जरूरी है। भारत के लिए 18वें ओवर में बने दबाव और 19वें ओवर में लगातार गिरे विकेट निर्णायक साबित हुए।

written by Siddhi Srivastava

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