
SIR Controversy: भारतीय जनता पार्टी के सांसद रवि किशन ने INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में भाजपा को हराने में नाकाम रहने के बाद विपक्ष अब विरोध प्रदर्शनों के जरिए व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। रवि किशन ने राहुल गांधी के व्यवहार पर भी सवाल उठाए और कहा कि विपक्षी दलों के आंदोलनों से आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों का विरोध जारी है। विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगा रहा है। वहीं, भाजपा विपक्ष के इन आरोपों और प्रदर्शनों को लेकर लगातार पलटवार कर रही है।
INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन पर रवि किशन का निशाना
दिल्ली में INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा कि विपक्ष भाजपा को चुनाव में हरा नहीं पा रहा है, इसलिए अब वह व्यवस्था को हाईजैक करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष देश को पीछे ले जाना चाहता है।
रवि किशन के मुताबिक, विपक्षी दलों को जनता की इच्छा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनता का भरोसा भाजपा और केंद्र सरकार के साथ है। हालांकि, यह रवि किशन का राजनीतिक दावा है, जिस पर विपक्ष की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी, कार्यकर्ताओं से मारपीट का आरोप
भाजपा सांसद ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा, “राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने ही कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट पर उतारू हैं। रवि किशन ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई कथित धक्का-मुक्की और जूते-चप्पल चलने की घटना का भी जिक्र किया।
उन्होंने दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर कहा कि आंदोलन के कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है। उनके अनुसार, प्रदर्शन के चलते कुछ लोग समय पर अपने दफ्तर नहीं पहुंच पा रहे हैं और एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।
हालांकि, एंबुलेंस सेवाओं में बाधा और प्रदर्शन के कारण हुई परेशानियों को लेकर रवि किशन ने जो बातें कही हैं, उनकी स्वतंत्र पुष्टि के लिए अलग से तथ्यात्मक जानकारी जरूरी है।
EVM और चुनावी नतीजों को लेकर भी उठाए सवाल
रवि किशन ने राहुल गांधी से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि जिन चुनावों में विपक्षी दलों को जीत मिली और उनकी सरकारें बनीं, उस समय EVM पर सवाल क्यों नहीं उठाए गए। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव हारने के बाद ही चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनावी संदर्भ का जिक्र करते हुए दावा किया कि जब विपक्ष को अपनी हार का अंदाजा होता है, तब वह विरोध और हंगामे का रास्ता अपनाता है। रवि किशन ने कहा कि जनता सब देख रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान वैश्विक स्तर पर बढ़ा है।
क्यों विरोध कर रहा है विपक्ष?
दरअसल, विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के दूसरे दल निर्वाचन आयोग के खिलाफ राजनीतिक अभियान चला रहे हैं।
सोमवार को कांग्रेस के आह्वान पर दिल्ली में विभिन्न राज्यों से आए यूथ कांग्रेस और पार्टी कार्यकर्ताओं ने 12 खंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और तख्तियां लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
वहीं, भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक हमला बताते हुए लगातार जवाब दे रही है। रवि किशन का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है।
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चुनाव आयोग पर विवाद के बीच बढ़ी सियासी बयानबाजी
SIR और चुनाव आयोग को लेकर जारी विवाद अब भाजपा और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची की निष्पक्षता की मांग कर रहा है, जबकि भाजपा नेताओं का आरोप है कि विपक्ष चुनावी हार की आशंका या नतीजों से असहमति के कारण संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है।
रवि किशन ने अपने बयान में राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक पर तीखे आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े सवाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता से संबंधित हैं। ऐसे में इस विवाद के केंद्र में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ SIR की प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की भूमिका और मतदाता सूची को लेकर उठाए गए सवाल भी बने हुए हैं।



