
WiFi Tips: स्मार्टफोन पर वीडियो देखते समय बार-बार बफरिंग होना या लैपटॉप पर वेबसाइट खुलने में ज्यादा समय लगना किसी को भी परेशान कर सकता है। ऐसी स्थिति में कई लोग इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से शिकायत करते हैं या ज्यादा स्पीड वाला प्लान लेने की योजना बनाते हैं। लेकिन हर बार धीमे इंटरनेट की वजह ब्रॉडबैंड प्लान नहीं होता।
कई बार Wi-Fi राउटर की सेटिंग्स, उसकी लोकेशन, नेटवर्क पर जुड़े डिवाइस और आसपास के वायरलेस नेटवर्क भी कनेक्शन के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में कुछ सेटिंग्स की जांच करके इंटरनेट अनुभव को बेहतर बनाने की कोशिश की जा सकती है।
1. 2.4GHz और 5GHz बैंड को जरूरत के हिसाब से चुनें
आजकल कई Wi-Fi राउटर में Smart Connect फीचर मिलता है। इसके जरिए 2.4GHz और 5GHz बैंड एक ही नेटवर्क नाम के तहत काम कर सकते हैं। राउटर डिवाइस को उपलब्ध बैंड से अपने हिसाब से जोड़ता है, लेकिन हर स्थिति में यह चुनाव सबसे बेहतर हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
अगर राउटर में यह विकल्प उपलब्ध है, तो दोनों बैंड के लिए अलग-अलग नेटवर्क नाम सेट करने पर विचार कर सकते हैं। राउटर के पास इस्तेमाल होने वाले फोन, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी के लिए 5GHz बैंड बेहतर स्पीड दे सकता है। वहीं, ज्यादा दूरी या दीवारों के पार कनेक्शन की जरूरत होने पर 2.4GHz बैंड उपयोगी हो सकता है।
ध्यान रखें कि 5GHz की रेंज आमतौर पर 2.4GHz से कम होती है। इसलिए सही बैंड का चुनाव डिवाइस की दूरी और घर की बनावट पर निर्भर करेगा।
2. Wi-Fi चैनल की सेटिंग भी करें चेक
आसपास के कई राउटर एक ही वायरलेस चैनल पर काम कर रहे हों, तो नेटवर्क में व्यवधान आ सकता है। खासकर अपार्टमेंट और घनी आबादी वाले इलाकों में यह समस्या देखने को मिल सकती है।
राउटर की सेटिंग में जाकर Wi-Fi चैनल की जानकारी देखें। यदि राउटर में ऑटो चैनल का विकल्प है, तो उसे आजमाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर आसपास के नेटवर्क की स्थिति के अनुसार कम व्यस्त चैनल चुना जा सकता है।
हालांकि, हर राउटर में चैनल बदलने का तरीका अलग होता है। बिना जानकारी के कई सेटिंग्स एक साथ बदलने के बजाय पहले मौजूदा सेटिंग्स को नोट कर लेना बेहतर है।
3. राउटर की लोकेशन सही रखें
इंटरनेट की स्पीड पर राउटर की जगह का भी असर पड़ता है। अगर इसे कमरे के किसी कोने, बंद अलमारी या मोटी दीवारों के पीछे रखा गया है, तो Wi-Fi सिग्नल कमजोर हो सकता है।
बेहतर कवरेज के लिए राउटर को घर के बीच के हिस्से में और संभव हो तो थोड़ी ऊंचाई पर रखें। इसे माइक्रोवेव जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बड़ी धातु की वस्तुओं से दूर रखना भी मददगार हो सकता है।
यदि घर बड़ा है या कई कमरों में सिग्नल कमजोर रहता है, तो Wi-Fi एक्सटेंडर या मेश नेटवर्क की जरूरत पड़ सकती है।
4. राउटर का फर्मवेयर अपडेट रखें
राउटर का फर्मवेयर उसके कामकाज को नियंत्रित करता है। निर्माता समय-समय पर इसमें सुरक्षा सुधार और प्रदर्शन से जुड़े अपडेट जारी कर सकते हैं।
राउटर के एडमिन पैनल या संबंधित मोबाइल ऐप में जाकर देखें कि कोई नया फर्मवेयर अपडेट उपलब्ध है या नहीं। अपडेट करने से पहले निर्माता के निर्देश पढ़ें और प्रक्रिया के दौरान राउटर की बिजली बंद न करें।
हर अपडेट से इंटरनेट की स्पीड बढ़ेगी, इसकी गारंटी नहीं है। लेकिन राउटर को अपडेट रखना सुरक्षा और स्थिरता के लिहाज से उपयोगी हो सकता है।
5. जुड़े हुए डिवाइस और QoS सेटिंग जांचें
एक ही Wi-Fi नेटवर्क पर कई फोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, कैमरे और अन्य डिवाइस सक्रिय हों, तो उपलब्ध बैंडविड्थ पर दबाव पड़ सकता है। खासकर जब कई डिवाइस एक साथ बड़ी फाइलें डाउनलोड कर रहे हों या हाई-क्वालिटी वीडियो स्ट्रीम कर रहे हों।
राउटर के एडमिन पैनल में जाकर जुड़े हुए डिवाइस की सूची देखें। किसी अनजान डिवाइस के कनेक्ट होने पर Wi-Fi पासवर्ड बदलें और WPA2 या WPA3 जैसी उपलब्ध सुरक्षित एन्क्रिप्शन सेटिंग का इस्तेमाल करें।
कुछ राउटर में Quality of Service (QoS) का विकल्प भी होता है। इसके जरिए वीडियो कॉल, ऑनलाइन गेमिंग या काम से जुड़े डिवाइस को प्राथमिकता दी जा सकती है। हालांकि, इसका फायदा राउटर के मॉडल और इंटरनेट कनेक्शन की क्षमता पर निर्भर करेगा।
सिर्फ सेटिंग्स बदलने से हर बार नहीं बढ़ेगी स्पीड
Wi-Fi की समस्या होने पर केवल राउटर को बदलना या महंगा इंटरनेट प्लान लेना ही एकमात्र समाधान नहीं है। पहले यह जांचें कि समस्या Wi-Fi नेटवर्क में है या इंटरनेट कनेक्शन में।
इसके लिए राउटर के पास खड़े होकर स्पीड टेस्ट करें और संभव हो तो लैपटॉप को Ethernet केबल से जोड़कर भी गति जांचें। यदि केबल से इंटरनेट ठीक चल रहा है, लेकिन Wi-Fi पर स्पीड कम है, तो समस्या वायरलेस नेटवर्क या राउटर की सेटिंग्स से जुड़ी हो सकती है।
वहीं, केबल से कनेक्ट होने पर भी स्पीड लगातार कम मिले, तो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करना उचित होगा।
इन छोटी बातों का भी रखें ध्यान
- राउटर को समय-समय पर रीस्टार्ट करें, खासकर जब कनेक्शन अचानक धीमा हो जाए।
- Wi-Fi पासवर्ड मजबूत रखें और अनजान डिवाइस को नेटवर्क से हटाएं।
- राउटर को ऐसी जगह रखें जहां से सिग्नल पूरे घर में बेहतर तरीके से पहुंच सके।
- स्पीड टेस्ट करते समय बड़े डाउनलोड और स्ट्रीमिंग को अस्थायी रूप से रोक दें।
- यदि राउटर पुराना है और घर में कई डिवाइस इस्तेमाल होते हैं, तो नया राउटर लेने से पहले उसकी तकनीकी क्षमता जांचें।
कुल मिलाकर, Wi-Fi की धीमी स्पीड के पीछे कई कारण हो सकते हैं। बैंड, चैनल, फर्मवेयर, डिवाइस और राउटर की जगह की जांच करके समस्या का कारण समझने में मदद मिल सकती है। अगर इन बदलावों के बाद भी इंटरनेट धीमा रहता है, तो राउटर की क्षमता और ब्रॉडबैंड कनेक्शन की जांच
written by Siddhi Srivastava



