
Sanjay Singh: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार, 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले इस प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी (AAP) ने समर्थन दिया है। इसी बीच पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह अरविंद केजरीवाल के आवास पहुंचे और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
संजय सिंह ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों को रोकने के प्रयासों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश को तानाशाही या हिटलरशाही के तरीके से नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में भाग लेने की अपील भी की।
‘आपातकाल से भी खराब हालात’, केंद्र पर संजय सिंह का आरोप
अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के दौरान संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात आपातकाल से भी ज्यादा खराब हो गए हैं।
AAP सांसद ने दावा किया कि एक कथित वोट चोर को बचाने के लिए इतनी सख्त व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना और अपनी बात रखना नागरिकों का अधिकार है।
संजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब लोग लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो उन्हें जंतर-मंतर जाने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोगों को दबाने की कोशिशों से नाराजगी और बढ़ सकती है।
AAP ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन
आम आदमी पार्टी ने CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के समर्थन की घोषणा की है। संजय सिंह ने पार्टी की ओर से लोगों से अधिक से अधिक संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की।
उनका कहना है कि प्रदर्शन में भाग लेना लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा विषय है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में भी अपनी बात रखी।
हालांकि, संजय सिंह के बयान और आरोप उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं। चुनाव आयोग या संबंधित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है, यह उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
आतिशी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए दावे
AAP नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी प्रदर्शन से पहले राजधानी में किए गए सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं और करीब 45 हजार पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात हैं।
आतिशी ने यह भी आरोप लगाया कि हजारों लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है और बाजारों को बंद कराया गया है। उन्होंने इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने का दावा भी किया।
आतिशी के मुताबिक, ये कदम चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विवाद के बीच एक व्यक्ति को बचाने के लिए उठाए जा रहे हैं। ये सभी दावे AAP नेता की ओर से किए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।
दिल्ली पुलिस ने करीब 500 लोगों को हिरासत में लेने की बात कही
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अलग-अलग स्थानों से समूहों में आ रहे करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि संभावित रूप से माहौल बिगाड़ने की आशंका के मद्देनजर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले करीब 50 लोगों को पकड़ा गया है।
पुलिस ने सुरक्षा प्रबंधन के तहत नई दिल्ली को 20 जोन में बांटने की जानकारी दी। प्रत्येक जोन के लिए एक डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की बात भी कही गई है। इसके अलावा दिल्ली के स्टेडियमों में भी हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई।
प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी बढ़ाए जाने के बीच पुलिस की कार्रवाई विपक्षी दलों के आरोपों का प्रमुख मुद्दा बन गई है।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन पर टिकी नजरें
CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ है। यह आंदोलन ऐसे समय हो रहा है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं।
AAP ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं।
अब इस घटनाक्रम पर नजर रहेगी कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किस रूप में आगे बढ़ता है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर प्रशासन तथा राजनीतिक दलों की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है।
written by Siddhi Srivastava



