
Uddhav Thackeray: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों की ओर से चलाए जा रहे अभियान के बीच INDIA गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाला है, लेकिन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) इसमें हिस्सा नहीं लेगी।
इस फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा है। हालांकि, UBT शिवसेना की गैरमौजूदगी के पीछे आखिरी समय पर निमंत्रण मिलने और पार्टी की पहले से तय बैठकों को वजह बताया जा रहा है।
आखिरी समय पर मिला निमंत्रण, मुंबई में बैठक का हवाला
सूत्रों के मुताबिक, UBT शिवसेना का कहना है कि राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए उसे अंतिम समय पर आमंत्रित किया गया। इसी दौरान पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे मुंबई में सांसदों और विभाग प्रमुखों के साथ बैठक कर रहे हैं।
पार्टी की व्यस्तताओं के कारण उसके सांसदों का दिल्ली पहुंचना संभव नहीं हो पाएगा। वहीं, शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत भी दो दिन के पुणे दौरे पर बताए गए हैं।
ऐसे में पार्टी की गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे INDIA गठबंधन से औपचारिक दूरी बनाने का फैसला नहीं कहा जा सकता।
SIR के खिलाफ विपक्ष की मुहिम जारी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस सहित विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता दिल्ली में इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात को विपक्ष की ओर से अपनी आपत्तियां रखने और आगे की रणनीति पर चर्चा करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे समय में गठबंधन के एक प्रमुख सहयोगी दल का प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं होना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
आशीष शेलार ने INDIA गठबंधन पर साधा निशाना
UBT शिवसेना के फैसले पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और BJP नेता आशीष शेलार ने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि INDIA गठबंधन और महाराष्ट्र के महाविकास आघाड़ी में सब कुछ ठीक नहीं है।
शेलार के मुताबिक, विपक्षी दल बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने के लिए एक साथ आए हैं, लेकिन उनके बीच आपसी मतभेद बने हुए हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं के बीच सार्वजनिक तौर पर सामने आने वाली बयानबाजी का भी जिक्र किया।
विपक्षी दलों के मतभेदों को लेकर BJP का हमला
आशीष शेलार ने अपने बयान में ममता बनर्जी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच कथित मतभेदों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग मौकों पर विपक्षी दलों के नेताओं के बीच तालमेल की कमी दिखाई देती है।
शेलार ने UBT शिवसेना के राष्ट्रपति से मुलाकात में शामिल नहीं होने को भी इसी राजनीतिक संदर्भ में पेश किया। BJP नेता ने विपक्षी गठबंधन की सफलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपसी मतभेदों के कारण उसके लिए साझा रणनीति बनाना मुश्किल होगा।
ये टिप्पणियां BJP नेता का राजनीतिक आकलन हैं। UBT शिवसेना की ओर से बताई गई वजहों में अंतिम समय पर निमंत्रण और मुंबई में पहले से निर्धारित संगठनात्मक बैठक शामिल हैं।
क्या SIR के मुद्दे पर कमजोर पड़ रही विपक्षी एकता?
UBT शिवसेना की गैरमौजूदगी से यह सवाल जरूर उठा है कि क्या SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच साझा रणनीति बनाने में कठिनाई आ रही है। INDIA गठबंधन के अलग-अलग घटक दल कई मुद्दों पर साथ आते रहे हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक प्राथमिकताएं और संगठनात्मक कार्यक्रम हमेशा एक जैसे नहीं होते।
फिलहाल राष्ट्रपति से मुलाकात में UBT शिवसेना की गैरमौजूदगी को गठबंधन में स्थायी दरार का प्रमाण मानना जल्दबाजी होगी। यह स्पष्ट होना बाकी है कि पार्टी आगे SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों के संयुक्त कार्यक्रमों में किस तरह भाग लेगी।
आने वाले दिनों में विपक्षी दलों की बैठकों और साझा बयानों से यह संकेत मिल सकता है कि चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर INDIA गठबंधन किस हद तक एकजुट होकर आगे बढ़ता है।
written by Siddhi Srivastava



