Bengal Bypolls Result: नंदीग्राम में BJP की ऐतिहासिक जीत, रेजिनगर में भी बड़ी बढ़त; हसीरानी रथ ने बनाया नया रिकॉर्ड

Bengal Bypolls Result: पश्चिम बंगाल के दोनों विधानसभा उपचुनावों में भाजपा उम्मीदवारों ने दर्ज की शानदार जीत, नंदीग्राम में हसीरानी रथ 1.22 लाख से अधिक वोटों से जीतीं, रेजिनगर में शखारोव सरकार ने भी बड़े अंतर से मारी बाजी

Bengal Bypolls Result: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनावों के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। दोनों सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों ने भारी मतों के अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। इन नतीजों में नंदीग्राम की जीत खास रही, जहां भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ ने एक लाख 22 हजार से अधिक वोटों के अंतर से विजय दर्ज की।

वहीं, रेजिनगर सीट पर भाजपा के शखारोव सरकार ने 72,710 मतों के अंतर से जीत हासिल की। दोनों सीटों पर पार्टी के प्रदर्शन को पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

नंदीग्राम में हसीरानी रथ ने बनाया जीत का नया कीर्तिमान

नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ की जीत ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने एक लाख 22 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज कर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

हसीरानी रथ दिवंगत चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे। उपचुनाव में उनकी मां की बड़ी जीत ने नंदीग्राम के चुनावी नतीजों को खास बना दिया है।

इससे पहले 2016 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में नंदीग्राम में 81,230 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। इसके बाद 2021 के चुनाव में उन्होंने ममता बनर्जी को 1,956 मतों से हराया था।

रेजिनगर में शखारोव सरकार की बड़ी जीत

रेजिनगर विधानसभा सीट पर भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी के उम्मीदवार शखारोव सरकार ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 72,710 वोटों से हराकर सीट अपने नाम की।

इस सीट पर उपचुनाव की जरूरत तब पड़ी, जब आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने नवादा और रेजिनगर दोनों सीटों से जीतने के बाद रेजिनगर सीट छोड़ दी थी। नियमों के तहत एक सीट खाली होने के बाद यहां उपचुनाव कराया गया।

नंदीग्राम सीट खाली होने के बाद हुआ उपचुनाव

2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिससे वहां उपचुनाव कराना पड़ा।

उधर, रेजिनगर सीट भी हुमायूं कबीर के सीट छोड़ने के कारण खाली हुई थी। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में हुए उपचुनावों के नतीजों ने भाजपा को बड़ी राजनीतिक सफलता दिलाई है।

शुभेंदु अधिकारी ने जीत को बताया भरोसे की निशानी

उपचुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि राज्य में अब भयमुक्त माहौल बना है। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान बमबाजी और गोलीबारी जैसी घटनाएं नहीं हुईं और किसी भी क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ी।

शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में हसीरानी रथ की जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने उनके पुराने जीत के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। रेजिनगर के नतीजों पर उन्होंने दावा किया कि भाजपा को अल्पसंख्यक मतदाताओं का भी समर्थन मिला है। यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आकलन है।

भाजपा नेताओं ने शासन और विकास को बताया जीत की वजह

पश्चिम बंगाल के मंत्री इंद्रनील खान ने भी दोनों सीटों के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा की जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण और राज्य में सरकार के कामकाज से जोड़कर देखा।

उनके अनुसार, लोगों का भरोसा बढ़ने का असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया है। हालांकि, मतदाताओं के फैसले के पीछे अलग-अलग स्थानीय और राजनीतिक कारण भी हो सकते हैं।

बंगाल की राजनीति में क्या है इन नतीजों का महत्व?

नंदीग्राम और रेजिनगर में भाजपा की बड़ी जीत पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि है। खास तौर पर नंदीग्राम में हसीरानी रथ का जीत का अंतर चर्चा का केंद्र बन गया है। रेजिनगर में भी बड़े अंतर से जीत मिलने से भाजपा को दोनों क्षेत्रों में मजबूती मिली है।

इन नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में भाजपा के प्रदर्शन, मतदाताओं के रुझान और अल्पसंख्यक मतदाताओं के समर्थन को लेकर बहस तेज हो सकती है। हालांकि, दो उपचुनावों के परिणामों से पूरे राज्य के राजनीतिक रुझान का निष्कर्ष निकालने के लिए व्यापक चुनावी आंकड़ों और क्षेत्रवार परिस्थितियों को भी देखना जरूरी होगा।

written by Siddhi Srivastava

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