
Rahul Gandhi: दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित मोएट्स रेस्टोरेंट के बाहर कथित मारपीट का एक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में एक व्यक्ति के साथ कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने का दावा किया जा रहा है। खुद को फहीम नजीर बताने वाले इस व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को गाली नहीं दी थी, इसके बावजूद उसके साथ मारपीट की गई।
मामला सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा ने इस घटना को लेकर कई सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों तथा अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़कर कांग्रेस पर हमला बोला। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मारपीट के आरोपों पर राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या है मोएट्स रेस्टोरेंट का पूरा मामला?
यह घटना दिल्ली के कनॉट प्लेस में स्थित मोएट्स रेस्टोरेंट के बाहर की बताई जा रही है। खास बात यह है कि इसी जगह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंडिया गठबंधन के नेताओं के लिए दोपहर के भोजन का आयोजन किया था।
इसी दौरान सामने आए एक वीडियो को लेकर विवाद शुरू हुआ। वीडियो से जुड़े दावे में कहा जा रहा है कि एक व्यक्ति के साथ मारपीट की गई। व्यक्ति ने अपनी पहचान फहीम नजीर के रूप में बताई है और आरोप लगाया कि उसने राहुल गांधी को अपशब्द नहीं कहे थे। इसके बावजूद उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।
फहीम ने इस घटना को अपने विचार रखने के अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि वह देश के मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर अपनी बात रख रहा था। उसका दावा है कि सवाल पूछने और अपनी बात रखने के कारण उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया।
फहीम नजीर ने क्या कहा?
फहीम नजीर ने अपने बयान में कई राजनीतिक मुद्दों का जिक्र किया। उसने दावा किया कि वह लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रहा था कि देश को नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालात की ओर ले जाने की साजिश की जा रही है।
उसने ईवीएम को लेकर भी सवाल उठाए। फहीम ने दावा किया कि भारत में ईवीएम की शुरुआत 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय हुई थी। उसने कहा कि इस संबंध में फुटेज भी मौजूद है और राहुल गांधी से इस विषय पर सवाल किए जाने चाहिए।
हालांकि, ईवीएम को लेकर किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है। फहीम ने पूरी घटना को अभिव्यक्ति की आजादी के संदर्भ में रखते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को सवाल पूछने या अपनी बात रखने से नहीं रोका जाना चाहिए।
भाजपा ने राहुल गांधी पर क्यों साधा निशाना?
वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक सिद्धार्थ यादव ने घटना को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को किसी व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस के ‘स्मैश द पैट्रियार्की’ अभियान का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला किया। भाजपा नेता ने सवाल किया कि क्या इस नारे का मतलब महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट करना है।
सिद्धार्थ यादव ने कहा कि सामने आए वीडियो को लेकर लोगों में नाराजगी है और इस तरह की घटना को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग भी की।
भाजपा ने ‘मोहब्बत की दुकान’ पर भी उठाए सवाल
भाजपा नेता ने कांग्रेस के चर्चित नारे ‘मोहब्बत की दुकान’ को लेकर भी राहुल गांधी और पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक तरफ मोहब्बत की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
यादव ने यह भी सवाल किया कि क्या देश में संवैधानिक और मानवाधिकार केवल एक खास राजनीतिक परिवार तक सीमित हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के नेता के स्तर से ऐसी घटना का आरोप लगना गंभीर विषय है।
हालांकि, भाजपा की ओर से लगाए गए इन राजनीतिक आरोपों और घटना के वीडियो में दिख रहे दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है। वीडियो में वास्तव में क्या हुआ, मारपीट की परिस्थितियां क्या थीं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी आधिकारिक जांच या विस्तृत पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।
घटना के बीच पहले से जारी है राजनीतिक टकराव
मोएट्स रेस्टोरेंट से जुड़ा यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब दिल्ली में चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव पहले से जारी है। इंडिया गठबंधन के नेता चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं और दिल्ली में प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
इसी राजनीतिक माहौल के बीच राहुल गांधी और कांग्रेस से जुड़ी यह घटना भाजपा को विपक्ष पर हमला करने का एक और मौका दे रही है। दूसरी तरफ, घटना में कथित तौर पर पीड़ित व्यक्ति ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। क्या व्यक्ति के साथ राजनीतिक कारणों से मारपीट हुई या विवाद की कोई दूसरी वजह थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभी तक कांग्रेस की ओर से इस विशेष आरोप पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



