UNSC: कश्मीर पर सवाल के बीच गुटेरेस ने पाकिस्तान में दिया दो टूक संदेश, UNSC की भूमिका और सुधार पर जोर

UNSC: पाकिस्तान दौरे पर UNSG ने जम्मू-कश्मीर पर सीधे जवाब से बनाई दूरी, असीम मुनीर से मुलाकात में क्षेत्रीय सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा

UNSC: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के पाकिस्तान दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में रहा। एक पाकिस्तानी पत्रकार ने उनसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कश्मीर से जुड़े प्रस्तावों को लेकर सवाल किया, लेकिन गुटेरेस ने इस पर सीधे तौर पर कोई पक्ष रखने के बजाय व्यापक तौर पर शांति, संवाद और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका की बात की।

गुटेरेस ने कहा कि विवादों का समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण माध्यमों से किया जाना चाहिए। उन्होंने अपनी ‘गुड ऑफिसेज’ यानी मध्यस्थता की पेशकश को भी सभी परिस्थितियों में उपलब्ध बताया।

UNSC की मौजूदा व्यवस्था पर उठाए सवाल

कश्मीर के सवाल के जवाब में गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना और उसकी प्रभावशीलता पर बात की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद आज की दुनिया की वास्तविकताओं को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती और उसे सुधार की जरूरत है।

गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद के सामने वैधता और प्रभावशीलता से जुड़े संकट का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव के बावजूद परिषद की संरचना उसी अनुपात में नहीं बदली है।

पाकिस्तान में तीन दिन रहे UN महासचिव

गुटेरेस 6 से 8 अक्टूबर तक पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर रहे। यह यात्रा पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के निमंत्रण पर हुई। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, इशाक डार और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर समेत शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की।

उनके दौरे का एजेंडा केवल कश्मीर तक सीमित नहीं था। क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, अफगानिस्तान, बहुपक्षवाद, अमेरिका-ईरान संवाद और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका जैसे मुद्दे भी चर्चा में रहे।

रावलपिंडी में असीम मुनीर से मुलाकात

पाकिस्तान यात्रा के दौरान गुटेरेस ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में फील्ड मार्शल असीम मुनीर से भी मुलाकात की। पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, दोनों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय शांति से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई।

बैठक में जम्मू-कश्मीर, भारत द्वारा सिंधु जल संधि को अमल में न रखने, अफगानिस्तान से जुड़े आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

पाकिस्तान ने कश्मीर पर रखा अपना पक्ष

पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार ने गुटेरेस के साथ बातचीत में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया। पाकिस्तान की ओर से कश्मीर विवाद के समाधान के लिए संबंधित UNSC प्रस्तावों का हवाला दिया गया।

वहीं गुटेरेस ने बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की अपनी सामान्य नीति दोहराई।

UNMOGIP मुख्यालय भी पहुंचे गुटेरेस

पाकिस्तान दौरे के दौरान गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP) के मुख्यालय का भी दौरा किया। यह मिशन 1949 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की निगरानी के लिए स्थापित किया गया था।

इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान की आपदा प्रबंधन व्यवस्था का जायजा लेने के लिए नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी का दौरा किया। गुटेरेस ने पाकिस्तान की कूटनीतिक और मध्यस्थता संबंधी कोशिशों की भी सराहना की।

भारत का रुख भी स्पष्ट

गुटेरेस के पाकिस्तान दौरे के बीच भारत की ओर से भी जम्मू-कश्मीर को लेकर अपना रुख दोहराया गया। भारत लगातार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अपना अभिन्न हिस्सा बताता रहा है और पाकिस्तान के दावों को खारिज करता है।

ऐसे में गुटेरेस के पाकिस्तान दौरे के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठना स्वाभाविक रूप से भारत-पाकिस्तान के पुराने विवाद को फिर चर्चा में ले आया।

सिंधु जल संधि का मुद्दा भी बातचीत में आया

असीम मुनीर और गुटेरेस की बैठक में सिंधु जल संधि को लेकर भी चर्चा हुई। पाकिस्तान ने भारत के संधि को अमल में न रखने के फैसले पर अपनी आपत्ति जताई है। यह मुद्दा 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में प्रमुख विवादों में शामिल रहा है।

पाकिस्तान की ओर से इसे क्षेत्रीय मुद्दे के रूप में उठाया गया, जबकि भारत ने अपने फैसले को सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े घटनाक्रम के संदर्भ में रखा है।

दौरे के केंद्र में शांति और बहुपक्षवाद

गुटेरेस की पाकिस्तान यात्रा का व्यापक संदेश शांति, संवाद और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ा रहा। उन्होंने पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में योगदान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयासों की सराहना की।

कश्मीर पर पूछे गए सवाल के दौरान भी उन्होंने किसी एक पक्ष के दावे को दोहराने के बजाय संवाद और संयुक्त राष्ट्र की व्यापक भूमिका पर जोर दिया। इससे साफ है कि पाकिस्तान दौरे में कश्मीर का मुद्दा मौजूद रहने के बावजूद गुटेरेस ने अपने जवाब को व्यापक कूटनीतिक रुख तक सीमित रखा।

written by Siddhi Srivastava

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