
फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साथ हुई घटना के बाद जहां उनके साहस की देश-विदेश में चर्चा हो रही है, वहीं अब यह मामला राजनीतिक बयानबाजी का भी हिस्सा बन गया है। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि कैप्टन स्मित की बहादुरी पर कांग्रेस की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ओमानी सह-पायलट ने कॉकपिट में हमला कर दिया था। हमले में पायलट गंभीर रूप से घायल हुए और विमान खतरनाक स्थिति में पहुंच गया। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद क्रू और यात्रियों की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया। विमान की सऊदी अरब के तबूक में आपात लैंडिंग कराई गई। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने मच्छार के साहस की सराहना की।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस से पूछा सवाल
इसी घटनाक्रम को लेकर सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि कैप्टन स्मित की बहादुरी की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई, लेकिन कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से इस घटना को लेकर कोई पोस्ट या सार्वजनिक बयान दिखाई नहीं दिया।
त्रिवेदी ने इसे कांग्रेस की राजनीतिक प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि पार्टी वोट बैंक की राजनीति के कारण इस मुद्दे पर बोलने से बच रही है। हालांकि, यह आरोप बीजेपी नेता की राजनीतिक टिप्पणी है और कांग्रेस की ओर से इस विशेष आरोप पर प्रतिक्रिया का उल्लेख उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है।
बाटला हाउस का जिक्र कर गांधी परिवार पर निशाना
बीजेपी नेता ने अपने बयान में बाटला हाउस एनकाउंटर का भी संदर्भ दिया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के पुराने सार्वजनिक रुख का हवाला देते हुए पूछा कि जिन मुद्दों पर कांग्रेस के नेताओं की ओर से पहले मुखर प्रतिक्रिया सामने आती रही है, उसी राजनीतिक नेतृत्व की ओर से कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर टिप्पणी क्यों नहीं की गई।
त्रिवेदी ने विशेष रूप से सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम लेते हुए उनकी कथित चुप्पी को मुद्दा बनाया। उनका तर्क था कि जब कैप्टन स्मित ने संकट की घड़ी में विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली, तब कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को भी इस साहस की सार्वजनिक रूप से सराहना करनी चाहिए थी।
गाजा मुद्दे का भी किया जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के सार्वजनिक बयानों और गाजा से जुड़े कांग्रेस के रुख का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और मानवीय मुद्दों पर राहुल गांधी पहले अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखते रहे हैं, लेकिन कैप्टन स्मित मच्छार से जुड़े इस मामले में उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
त्रिवेदी ने इसी आधार पर कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता कुछ मुद्दों पर बेहद सक्रिय रहते हैं, जबकि देश से जुड़े दूसरे घटनाक्रमों पर उनकी प्रतिक्रिया अलग दिखाई देती है।
जाकिर नाइक, अफजल गुरु और बुरहान वानी का नाम लेकर हमला
बीजेपी नेता ने अपने हमले को और आगे बढ़ाते हुए जाकिर नाइक, अफजल गुरु और बुरहान वानी से जुड़े पुराने विवादों का उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के पुराने बयानों और रुख का हवाला देते हुए पूछा कि ऐसे मामलों पर चर्चा करने वाले नेता कैप्टन स्मित की बहादुरी को लेकर क्यों नहीं बोल रहे हैं।
इन टिप्पणियों के जरिए त्रिवेदी ने कांग्रेस पर कथित दोहरे रवैये का आरोप लगाया। हालांकि, उनके द्वारा अलग-अलग नेताओं और पुराने मामलों को लेकर किए गए दावों को कांग्रेस की मौजूदा स्थिति का प्रत्यक्ष प्रमाण मानने से पहले संबंधित बयानों और उनके संदर्भ को अलग-अलग देखना जरूरी है।
यूपी कांग्रेस के संगठनात्मक फैसले पर भी सवाल
सुधांशु त्रिवेदी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस से जुड़े हालिया संगठनात्मक फैसलों को भी अपने हमले में शामिल किया। उन्होंने पार्टी में इमरान मसूद को मिली जिम्मेदारी का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किए।
त्रिवेदी का आरोप है कि कांग्रेस एक तरफ राष्ट्रवादी नारों और देश से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग रुख अपनाती है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देती है जिनके पुराने बयानों को लेकर विवाद रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन फैसलों पर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
कैप्टन स्मित का मामला अब राजनीतिक बहस में
कैप्टन स्मित मच्छार से जुड़ी घटना मूल रूप से विमान सुरक्षा और पायलट के साहस से जुड़ा मामला था, लेकिन अब इस पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है। घटना के बाद मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत में अपने अनुभव साझा किए थे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनसे बातचीत कर उनके साहस की प्रशंसा की और उन्हें इजरायल आने का निमंत्रण दिया।
बीजेपी अब कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है। वहीं, इस पूरे विवाद का अगला पहलू यह होगा कि क्या कांग्रेस या गांधी परिवार इस मुद्दे पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया देता है। फिलहाल सुधांशु त्रिवेदी के बयान ने कैप्टन स्मित मच्छार की घटना को एक नई राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।



