
जिस तरह से कांग्रेस ने अपना अध्यक्ष बदला है, उससे लग रहा है कि कांग्रेस आगामी चुनाव में सर्वणों को साधने की तैयारी में है। दबे पांव उसने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। जिसका शुभारंभ उसने उत्तर प्रदेश की राजनीति में फेर बदल करते हुए उसने अपना प्रदेश बदल दिया। अजय राय को हटा कर के प्रतापगढ़ से विधायक अराधना मिश्रा उर्फ मोना को बनाया। इसी के साथ में सड़कोंं पर बड़े बड़े बैनर पोस्टर पर जिस तरह के नारे लिखे उससे भी साफ जाहिर होता है कि, इस बार कांग्रेस आगामी यूपी चुनाव में ब्राह्मण को केंद्र में रखेगी। ब्राह्मण केंद्र में रखते हुए कांग्रेस अपनी राजनैतिक रणनीति को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। पोस्टर पर साफ साफ लिखा है कि ‘अब ब्राह्मण शंख बजाएगा, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक चलता जायेगाÓ। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि लगभग तीन दशकों बाद कांग्रेस एक बार फिर से अपने पुराने समर्थक यानि ब्राह्मण उम्मीदवारों को अधिक संख्या में उतारने की तैयारी में हैं।
पार्टी की नियमित प्रक्रिया है
इस कांग्रेस के पार्टी राष्ट्री फरहान ने इसे पार्टी की नियमित प्रक्रिया बताया है। अराधना मिश्रा उर्फ मोना से पहले अजय राय और उनसे पहले लल्लू जी को कांग्रेस ने अपना प्रदेश बनाया था। उनका कहना है कि हर तीन वर्ष पर पार्टी के अध्यक्ष को बदल दिया जाता है। इसी के साथ उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी आगामी चुनाव को लेकर समीकरण को साधते हुए रणनीति को बना रही हैं। कांग्रेस के साथ सभी वर्ण और जाति के लोग जुड़े हैं। कांग्रेस ऊपर से समाज के निचले तबके तक अपनी पकड़ बनाते हुए चल रही है। आने वाले समय जिसका परिणाम देखने को मिलेगा।
रिपोर्ट:आकाश त्रिपाठी



