
Delhi Protest: गांधी जयंती के दिन जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए हैं। पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी है और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है।
प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन का मुद्दा निर्वाचन आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े आरोपों को लेकर है। विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक समूहों की ओर से प्रदर्शन की घोषणा की गई थी।
दिल्ली पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की आशंका के मद्देनजर अतिरिक्त बल तैनात किया है। रिपोर्टों के मुताबिक नई दिल्ली इलाके में हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है और जंतर-मंतर की तरफ जाने वाले प्रमुख मार्गों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है।
धारा 163 के तहत किन गतिविधियों पर रोक?
पुलिस के आदेश के तहत बिना अनुमति भीड़ जुटाने, जुलूस निकालने, धरना और प्रदर्शन जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। पोस्टर-बैनर लेकर चलने और सार्वजनिक रूप से नारेबाजी या भाषण जैसी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लागू है।
पुलिस ने लोगों से आदेशों का पालन करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जंतर-मंतर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग
सुरक्षा व्यवस्था के तहत जंतर-मंतर की ओर जाने वाले कई मार्गों को बैरिकेड किया गया है। पुलिस ने टॉल्सटॉय मार्ग, जनपथ रोड और संसद मार्ग समेत आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई है।
जंतर-मंतर के आसपास पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ सीसीटीवी निगरानी भी बढ़ाई गई है। जरूरत पड़ने पर भीड़ की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशन प्रभावित
प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर यात्रियों के लिए प्रवेश और निकास बंद किया गया है। हालांकि कुछ प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों को लाइन बदलने की सुविधा जारी रखी गई है।
प्रभावित स्टेशनों में जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट जैसे स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रखी गई है। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले मेट्रो की ताजा स्थिति देखने की सलाह दी गई है।
ट्रैफिक रूट में भी बदलाव
जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों को इन मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
इसके अलावा गांधी जयंती से जुड़े राजघाट और विजय घाट कार्यक्रमों के कारण भी मध्य दिल्ली में सुबह के समय यातायात प्रतिबंध लागू हैं।
पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त कंपनियां भी तैनात की हैं। जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था के लिए बहुस्तरीय घेरा बनाया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी अनधिकृत जमावड़े को रोकना और नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सामान्य यातायात तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद बढ़ी सतर्कता
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद विभिन्न संगठनों की ओर से लोगों के जुटने की घोषणा किए जाने के बाद पुलिस ने पहले से सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए।
25 सितंबर को भी जंतर-मंतर के आसपास SIR से जुड़े प्रदर्शन के दौरान 60 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। ऐसे में 2 अक्टूबर के कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने अतिरिक्त तैयारी की है।
फिलहाल नई दिल्ली इलाके में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ मेट्रो तथा सड़क यातायात पर प्रतिबंध लागू हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और प्रभावित क्षेत्रों में जाने से पहले यातायात एवं मेट्रो की स्थिति की जानकारी लेने को कहा गया है।
written by Siddhi srivastava



