
68,500 Teachers Recruitment News-68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के पालन की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लखनऊ के ईको गार्डेन में जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे एक सितंबर से धरना दे रहे हैं। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शनकारी तूफान सिंह के मुताबिक, उनकी प्रमुख मांग राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेशों का पालन कराना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती निकली थी और उसी समय अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसके बाद करीब आठ साल से अभ्यर्थी नियुक्ति की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित पांच प्रतिशत अंकों की छूट का लाभ नहीं दिया गया। उनका कहना है कि इन श्रेणियों के अभ्यर्थियों का परिणाम सामान्य अभ्यर्थियों के साथ जारी कर दिया गया।
अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती परीक्षा में निर्धारित पांच प्रतिशत छूट को लागू किया जाए। उनका कहना है कि 150 अंकों की परीक्षा में 40 प्रतिशत यानी 60 अंक के आधार पर पात्रता तय करते हुए परिणाम में संशोधन किया जाए और नई चयन सूची जारी की जाए।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण से जुड़े मामले में नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोगों के आदेश लागू होने से लंबे समय से चल रहे विवाद का समाधान हो सकता है।
धरने के दौरान तूफान सिंह की तबीयत बिगड़ी
ईको गार्डेन में चल रहे आंदोलन के दौरान धरने का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां से चिकित्सकों ने उन्हें लोकबंधु अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
तूफान सिंह ने आरोप लगाया कि धरना स्थल पर एक पुलिसकर्मी ने उन्हें कथित तौर पर निशाना बनाकर हाथ की कोहनी से सीने में जोर से मारा। उनका कहना है कि चोट लगने के बाद सीने में तेज दर्द हुआ और वह मौके पर ही कराहने लगे।
तूफान सिंह के साथ मौजूद प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, बारिश के कारण तत्काल कोई वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। इसके बाद साथी अभ्यर्थी उन्हें पैदल अस्पताल लेकर पहुंचे। बाद में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
तूफान सिंह ने कहा कि वह अपने अधिकारों की लड़ाई को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि वे अपने हक के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करते रहेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि भर्ती से जुड़ी आरक्षण संबंधी शिकायतों पर आयोगों के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाए और अभ्यर्थियों की मांगों का जल्द समाधान किया जाए।



