
International News: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इन दिनों न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इसी दौरान संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर उनसे आतंकवाद और लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद को लेकर सीधे सवाल पूछे गए। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने सवालों का कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, 24 सितंबर को जब शहबाज शरीफ UN मुख्यालय में दाखिल हो रहे थे, तब एक पत्रकार ने उनसे पूछा, “प्रधानमंत्री, आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?” शहबाज शरीफ ने इस सवाल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बाद में जब वह UN मुख्यालय से बाहर निकल रहे थे, तब उनसे दोबारा सवाल किया गया कि लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद पर पाकिस्तान कब मुकदमा चलाएगा। इस सवाल का भी उन्होंने जवाब नहीं दिया।
UN मुख्यालय में दो बार पूछे गए सवाल
शहबाज शरीफ के UN मुख्यालय पहुंचने के दौरान पत्रकार ने पाकिस्तान के आतंकवादियों को कथित तौर पर पनाह देने से जुड़ा सवाल किया। प्रधानमंत्री ने इसका उत्तर नहीं दिया और बिना रुके आगे बढ़ गए।
इसके बाद कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वह मुख्यालय से बाहर निकल रहे थे, तब पत्रकार ने उनसे हाफिज सईद को लेकर सवाल किया। उनसे पूछा गया कि लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाया जाएगा।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शहबाज शरीफ ने इस सवाल पर भी कोई जवाब नहीं दिया और वहां से आगे निकल गए। दोनों घटनाओं का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।
हाफिज सईद को लेकर भारत का क्या आरोप है?
हाफिज मोहम्मद सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक और भारत द्वारा नामित आतंकवादी है। भारत में उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत नामित आतंकवादी घोषित किया गया है। वह 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में भारत में वांछित आरोपियों में शामिल है।
हाफिज सईद का नाम अब 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में भी सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने जून 2026 में दाखिल अपनी पूरक चार्जशीट में उसे आरोपी के तौर पर नामजद किया। NIA के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा/TRF से जुड़े लोगों की भूमिका पहलगाम हमले की साजिश में सामने आई है।
पहलगाम हमले की जांच में भी हाफिज सईद का नाम
NIA की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, एजेंसी ने पहलगाम आतंकी हमले की व्यापक साजिश की जांच के दौरान हाफिज सईद को भी आरोपी बनाया है। NIA की पूरक चार्जशीट में उसे आरोपी नंबर 8 के तौर पर नामित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
एजेंसी का आरोप है कि हमले की साजिश में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव्स की भूमिका थी। NIA की जांच और चार्जशीट में दर्ज आरोपों को न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी दावे के बीच उठा सवाल
शहबाज शरीफ का UN दौरा ऐसे समय में हुआ जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद से निपटने और क्षेत्रीय शांति को लेकर अपनी स्थिति पेश कर रहा है। इसी दौरान पत्रकार द्वारा आतंकवादियों को पनाह देने और हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ा सवाल पूछे जाने से यह घटनाक्रम चर्चा में आ गया।
शहबाज शरीफ ने दोनों सवालों पर सार्वजनिक तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि, इस वीडियो में उनके जवाब नहीं देने को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और मीडिया प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। उपलब्ध वीडियो और रिपोर्टों में यह स्पष्ट है कि सवाल पूछे गए और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने उनका उत्तर नहीं दिया।
UN में भारत ने भी पाकिस्तान को घेरा
शहबाज शरीफ के UN दौरे के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर बयानबाजी भी देखने को मिली। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगाए।
भारत की ओर से अपने जवाब के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान को आतंकवाद और क्षेत्रीय मुद्दों के बजाय अपनी आर्थिक और विकास संबंधी चुनौतियों पर ध्यान देने की बात कही। यह टिप्पणी पाकिस्तान की ओर से भारत पर लगाए जाने वाले आरोपों के जवाब में भारतीय पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आई।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा
शहबाज शरीफ से सवाल-जवाब का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। वीडियो में पहले UN मुख्यालय में प्रवेश करते समय और फिर बाहर निकलते समय पत्रकारों को उनसे सवाल करते देखा जा सकता है।
पहले सवाल में पाकिस्तान के आतंकवादियों को कथित तौर पर पनाह देने को लेकर सवाल किया गया, जबकि दूसरे मौके पर हाफिज सईद पर मुकदमा चलाने को लेकर सीधे सवाल पूछा गया। दोनों मौकों पर शहबाज शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया।



