
UP Politics: लखनऊ में बुधवार को बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अहम राष्ट्रीय बैठक के दौरान पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने का ऐलान किया। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब पार्टी पिछले कुछ दिनों से संगठन में लगातार बदलावों के दौर से गुजर रही है। ईशान को मिली नई जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी उनके बड़े भाई आकाश आनंद के पास थी।
आकाश आनंद के बाद ईशान को मिली बड़ी जिम्मेदारी
बसपा में हालिया घटनाक्रम की शुरुआत 3 सितंबर को हुई, जब मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटा दिया था। इसके बाद 10 सितंबर को उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी बाहर कर दिया गया। आकाश आनंद इससे पहले बसपा में राष्ट्रीय स्तर पर अहम भूमिका निभा रहे थे और उन्हें मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर भी देखा जाता रहा था। हालांकि, मौजूदा घटनाक्रम के बाद उनकी पार्टी में भूमिका खत्म हो चुकी है।
इसी बीच ईशान आनंद को संगठन में जिम्मेदारी देने का फैसला सामने आया है। इससे पहले भी मायावती ने ईशान को पार्टी के संगठनात्मक कामकाज से जोड़ने की बात कही थी, लेकिन बीच में उन्होंने अपना रुख बदलते हुए उन्हें भी जिम्मेदारियों से दूर कर दिया था। अब एक बार फिर ईशान को राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी दी गई है।
मायावती ने ईशान को लेकर क्या कहा?
मायावती ने हाल में संकेत दिया था कि ईशान आनंद को पार्टी में एक सम्मानजनक जिम्मेदारी दी जाएगी और उन्हें राजनीति में आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही उन्होंने आकाश आनंद और अपनी भतीजी दीपिका आनंद को संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं देने की बात कही थी। अब 23 सितंबर की बैठक में ईशान को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने की घोषणा कर दी गई।
पार्टी की बैठक में ईशान आनंद मायावती के साथ नजर आए। बैठक शुरू होने से पहले उन्होंने मायावती के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान मायावती ने भी उन्हें आशीर्वाद दिया। यह तस्वीर और घटनाक्रम पार्टी के भीतर ईशान की बढ़ती भूमिका को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या ईशान आनंद होंगे मायावती के उत्तराधिकारी?
ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह फैसला भविष्य में उन्हें बसपा की कमान सौंपने की दिशा में कोई संकेत है? फिलहाल इसे सीधे तौर पर मायावती के उत्तराधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति कहना जल्दबाजी होगी। पार्टी की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है कि ईशान को भविष्य का राष्ट्रीय अध्यक्ष या मायावती का उत्तराधिकारी बनाया गया है।
हालांकि, जिस समय उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है, वह राजनीतिक रूप से जरूर अहम है। आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बाद मायावती ने परिवार से जुड़े विकल्पों को लेकर कई बार अपना रुख बदला है। ऐसे में ईशान की नई भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में स्वाभाविक रूप से चर्चा तेज हुई है।
ईशान को किन लोगों से लेना होगा मार्गदर्शन?
मायावती ने ईशान आनंद को संगठन में काम करने के साथ वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन लेने की बात कही है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईशान राजाराम और रामजी गौतम से मार्गदर्शन लेंगे। जरूरत पड़ने पर वह अपने पिता और बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार से भी सलाह ले सकते हैं।
यह संकेत देता है कि ईशान को तत्काल पूरी पार्टी की कमान सौंपने के बजाय संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ काम करने और राजनीतिक-संगठनात्मक अनुभव हासिल करने की भूमिका दी गई है।
2027 से पहले BSP में संगठन को मजबूत करने की कवायद
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच बसपा के लिए संगठनात्मक बदलाव महत्वपूर्ण हैं। पार्टी इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठन में फेरबदल कर रही है और राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत करने पर जोर दे रही है। 23 सितंबर की बैठक में पार्टी के पदाधिकारी और विभिन्न राज्यों के संगठन से जुड़े नेता शामिल हुए।
ऐसे समय में ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलना उन्हें पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण स्थान देता है। अब उनकी भूमिका किस तरह विकसित होती है और क्या वह आने वाले समय में बसपा के प्रमुख चेहरों में शामिल होते हैं, यह आगे के राजनीतिक घटनाक्रम से स्पष्ट होगा।



