
Azamgarh Triple Murder : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार को एक ही परिवार और पूजा से जुड़े तीन लोगों की हत्या से सनसनी फैल गई। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान विवाद के बाद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और पूजा कराने आए दो पुजारियों को गोली मार दी। तीनों की मौत हो गई।
वारदात के बाद आरोपी अपने तीन बच्चों के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी देर तक आरोपी को समझाकर बाहर निकालने का प्रयास किया।
पानी की बौछार से तोड़ा गेट, आरोपी और बच्चे बाहर निकले
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कमरे में तीन बच्चों के साथ बंद होने के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील थी। पुलिस टीम लगातार आरोपी से बातचीत कर उसे बाहर आने के लिए समझाती रही।
बाद में फायर ब्रिगेड की टीम ने पानी की बौछार का इस्तेमाल कर कमरे का गेट तोड़ा। इसके बाद पुलिस ने आरोपी और उसके तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस ने आरोपी के लाइसेंसी असलहे कब्जे में ले लिए हैं। आरोपी और तीनों बच्चों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें पुलिस की निगरानी में रखा गया है।
पूजा के दौरान आधार कार्ड मांगने को लेकर हुआ विवाद
शुरुआती जानकारी के अनुसार, मंगलवार को आरोपी अरविंद सिंह के घर में पूजा का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान अरविंद सिंह बाजार से घर पहुंचा और पूजा कराने आए पंडितों से आधार कार्ड मांगने लगा।
बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। विवाद बढ़ने के बाद कथित तौर पर अरविंद सिंह ने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी।
फायरिंग में उसकी पत्नी बबीता समेत तीन लोग घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई। मृतकों में दो पुजारी शामिल हैं। इनमें *पंडित महेंद्र पाठक का नाम सामने आया है। घटना के बाद पूजा में शामिल अन्य पंडित मौके से फरार हो गए।
दो साल पहले भाई की भी हुई थी हत्या
घटना के बीच आरोपी के परिवार से जुड़ी एक पुरानी घटना भी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, करीब दो साल पहले अरविंद सिंह के भाई गुड्डू सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
बताया जा रहा है कि भाई की आत्मा की शांति के लिए परिवार की ओर से घर में पूजा कराने की तैयारी की गई थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अरविंद सिंह इस पूजा के पक्ष में नहीं था और उसने पूजा नहीं कराने को कहा था।
इसके बावजूद परिवार की ओर से घर पर पूजा रखी गई। मंगलवार शाम इसी पूजा के दौरान विवाद हुआ और मामला कथित फायरिंग तक पहुंच गया।
तीनों बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित निकाला
वारदात के बाद आरोपी ने खुद को अपने तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद कर लिया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बच्चों में करीब 10 साल और 7 साल के दो बच्चे और करीब 6 महीने का एक बच्चा शामिल है।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की कार्रवाई के बाद तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद पुलिस आरोपी और बच्चों को अस्पताल ले गई।
मौके पर पहुंची पुलिस की कई टीमें
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फील्ड यूनिट, SOG और अन्य पुलिस टीमों को घटनास्थल पर तैनात किया गया।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी के साथ कमरे में मौजूद तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना था। अधिकारियों ने बातचीत के जरिए आरोपी को समझाने का प्रयास किया। बाद में फायर ब्रिगेड की मदद से गेट तोड़कर आरोपी और बच्चों को बाहर निकाला गया।
घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य
फायरिंग के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने मौके से हथियार और फायरिंग से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फायरिंग की वजह क्या थी और तीनों लोगों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद चलेगा।
पुलिस ने आरोपी के लाइसेंसी असलहे कब्जे में ले लिए हैं और मामले की जांच जारी है। फिलहाल इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।



