Pratapgarh News: सुख सागर धाम में कवि सम्मेलन, साहित्य की बही रसधार

Pratapgarh News: Poets' gathering at Sukh Sagar Dham; a stream of literary delight flows.

Pratapgarh News:रामगंज पूरे दूधी स्थित सुख सागर मैरिज हाल में गणेश उत्सव के अवसर पर सुख सागर परोपकार सेवा ट्रस्ट की ओर से विराट कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कई चर्चित कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी। काव्य पाठ के दौरान देशभक्ति, प्रेम, सद्भाव और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।

कार्यक्रम का शुभारंभ कवि गजेंद्र सिंह विकट की गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद गजलकार डॉ. चंद्रकांत त्रिपाठी ‘शाश्वत’ ने अपनी गजल की पंक्तियों से श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी। उनकी रचना “कब जिंदगी में लोग काम के मिले, तुम भी मिले तो मुझे फकत नाम के मिले” पर कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा।

कवि हरिवंश शुक्ल ‘शौर्य’ ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रचना के माध्यम से देशवासियों में जोश भरा। उनकी प्रस्तुति “सोवत शेर जगावा जी, इतिहास का फिर दोहरावा जी” को भी श्रोताओं ने खूब पसंद किया।

गजेंद्र सिंह विकट ने बेटियों के सम्मान और नारी शक्ति को समर्पित रचना प्रस्तुत की। वहीं अनूप त्रिपाठी ने प्रेम और सामाजिक सद्भाव का संदेश देते हुए अपनी रचना के माध्यम से लोगों को आपसी भाईचारे की भावना मजबूत करने का आह्वान किया।

हास्य कवि बिहारी लाल अंबर ने अपनी हास्य रचनाओं से लोगों को खूब हंसाया और गुदगुदाया। ओज कवि अंजनी अमोघ ने बलिदानियों को समर्पित रचना के जरिए श्रोताओं में देशभक्ति का जज्बा जगाया। इसके अलावा कैलाशपति मिश्रा ने भी काव्य पाठ किया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति की ओर से साहित्यकारों और विशिष्ट लोगों का सारस्वत सम्मान किया गया।

मुख्य अतिथि भागवत भूषण आचार्य संतोष जी महाराज ने कहा कि साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के साथ ही आपसी प्रेम और सद्भाव को बढ़ाने का काम करता है।

विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने कहा कि देश की आजादी के आंदोलन में साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साहित्य ने हमेशा समाज को नई दिशा देने का कार्य किया है।

कार्यक्रम में सह संयोजक अधिवक्ता मोनू पाण्डेय ने स्वागत भाषण दिया। अध्यक्षता संजय शुक्ल ने की, जबकि संचालन अंजनी अमोघ ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल त्रिपाठी महेश मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन देवनारायण मिश्र ने किया। आभार प्रदर्शन सह संयोजक गिरजा शंकर मिश्रा ने किया।

इस अवसर पर रमापति तिवारी, अरविंद शुक्ला, श्याम नारायण मिश्रा, शिव शंकर मिश्र, अनिल तिवारी, नीरज, धीरज, अभिषेक सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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रिपोर्ट: उमेश पाण्डेय, जिला संवाददाता, यूनाईटेड भारत

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