
Middle East Conflict: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना (IDF) ने हिजबुल्लाह से जुड़े कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करने का दावा किया है। सेना के अनुसार, आइता अल-जबल, जवतार अल-शर्किया और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद सैन्य ढांचे, निगरानी चौकियों तथा हथियारों के भंडार को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद इलाके में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
विस्फोटक हमले के बाद तेज हुई कार्रवाई
IDF का कहना है कि यह अभियान उस घटना के बाद शुरू किया गया, जिसमें दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में एक विस्फोटक उपकरण फटने से उसके दो सैनिक घायल हो गए थे। सेना के मुताबिक, घायल सैनिक एक इंजीनियरिंग वाहन में सवार थे। इस घटना के बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हिजबुल्लाह के कई कथित ठिकानों पर हमले किए।
सैन्य ढांचे और निगरानी चौकियां बनीं निशाना
इजरायली सेना के अनुसार, जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनमें ऐसे सैन्य ढांचे भी शामिल थे, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर हिजबुल्लाह के लड़ाके गतिविधियों की निगरानी और हमलों की योजना बनाने के लिए करते थे। IDF का दावा है कि इन ठिकानों को नष्ट कर क्षेत्र में संगठन की सैन्य क्षमता को कमजोर करने की कोशिश की गई है।
सुरंग और रॉकेट लॉन्चर किए गए तबाह
सेना ने एक अन्य बयान में कहा कि दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में मौजूद एक ठिकाने को भी ध्वस्त किया गया, जहां सुरंग का प्रवेश मार्ग और इस्तेमाल के लिए तैयार रॉकेट लॉन्चर मौजूद थे। IDF के मुताबिक, इन लॉन्चरों में दर्जनों रॉकेट तैनात थे और उनका रुख इजरायल की ओर था। सेना का दावा है कि संभावित खतरे को देखते हुए इस ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
गाजा में हमास कमांडर को मार गिराने का दावा
इजरायल ने गाजा पट्टी में चलाए गए एक अलग अभियान का भी जिक्र किया है। सेना के अनुसार, हमास की सैन्य शाखा से जुड़े कमांडर मुहम्मद सुलेमान ब्यौक को एक कार्रवाई में मार गिराया गया। IDF का दावा है कि वह इजरायली सैनिकों और नागरिकों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने और विस्फोटक उपकरण लगाने जैसी गतिविधियों में शामिल था।
इसके अलावा, इजरायली सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी दावा किया है कि हाल ही में मारे गए राफाह ब्रिगेड के एक वरिष्ठ कमांडर का संबंध इजरायली नागरिकों और सैनिकों के अपहरण की घटनाओं से था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सीमा पर बढ़ता तनाव, दुनिया की नजर
लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई के कारण लेबनान-इजरायल सीमा पर तनाव बना हुआ है। क्षेत्र में संघर्ष के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच टकराव इसी तरह जारी रहा तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।
written by Siddhi Srivastava



