
Lucknow News-डॉक्टर राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (आरएमएलआईएमएस), लखनऊ के चर्म रोग विभाग की ओर से शुक्रवार को ‘रिसेंट अपडेट्स इन पिगमेंट्री डिजीज : फोकस ऑन विटिलिगो एंड कॉमन हाइपर पिगमेंटेशन डिजीज’ विषय पर चिकित्सा शिक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आईएडीवीएल एवं आईक्यूएसी के सहयोग से किया गया।
संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में आरएमएलआईएमएस के निदेशक प्रो. डॉ. सी.एम. सिंह, डीन डॉ. राजन भटनागर तथा चर्म रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सौम्या अग्रवाल ने सहभागिता की। कार्यक्रम में चर्म रोग विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ पीजीआई चंडीगढ़, एसजीपीजीआई लखनऊ, एम्स नई दिल्ली, केजीएमयू लखनऊ सहित प्रदेश एवं लखनऊ के प्रतिष्ठित चर्म रोग विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया।
विशेषज्ञों ने विटिलिगो यानी सफेद दाग के उपचार में हो रहे नवीन अनुसंधानों, आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा विटिलिगो सर्जरी की नई तकनीकों पर वैज्ञानिक व्याख्यान दिए। चिकित्सकों ने रोग के उपचार के दौरान सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों तथा नवीन उपचार विकल्पों को लेकर अपने अनुभव साझा किए।
संगोष्ठी में चेहरे पर होने वाली झाइयों तथा लाइकेन प्लेनस जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों के उपचार पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने इन रोगों के उपचार में सामने आए नवीनतम शोध, आधुनिक दवाओं और उपचार की प्रभावी पद्धतियों के बारे में जानकारी दी।
पोस्टर प्रतियोगिता में रेजिडेंट डॉक्टरों ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान जूनियर एवं सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्रतिभाग किया और चर्म रोग से संबंधित विषयों पर अपनी वैज्ञानिक समझ एवं शोध कार्य प्रस्तुत किए।
पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर दीपक अग्रवाल ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर पूजा, चर्म रोग विभाग, आरएमएलआईएमएस को मिला, जबकि तृतीय स्थान डॉ. श्रेया, एरा मेडिकल कॉलेज ने प्राप्त किया।
संगोष्ठी का उद्देश्य चर्म रोग विशेषज्ञों एवं रेजिडेंट डॉक्टरों को पिगमेंटरी डिजीज के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध, आधुनिक उपचार तकनीकों और चिकित्सा अनुभवों से अवगत कराना रहा।
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