
UPI Charge News : 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट UPI पेमेंट पर अब 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार को जारी विस्तृत गाइडलाइंस में नए शुल्क ढांचे को स्पष्ट किया है। यह बदलाव केंद्र सरकार के 14 सितंबर के नोटिफिकेशन के बाद सामने आया है, जिसमें ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं लगाने की बात कही गई थी।
हालांकि, नए नियम केवल पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन पर लागू होंगे। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले पर्सन-टू-पर्सन (P2P) UPI पेमेंट पर किसी भी राशि के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा।
2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर कितना चार्ज?
NPCI के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के सामान्य मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लगाया जाएगा। यह शुल्क बैंकों, पेमेंट ऐप्स और डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़े अन्य भागीदारों के बीच बांटा जाएगा।
75,000 रुपये या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन के लिए MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तय की गई है।
किन सेक्टर में अलग MDR लागू होगा?
कुछ विशेष क्षेत्रों के लिए अलग शुल्क व्यवस्था तय की गई है –
- रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और फ्यूल : 2,000 रुपये से अधिक के पेमेंट पर 5 रूपये का फ्लैट MDR।
- म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डीलर: 0.02% MDR, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी।
- P2PM ट्रांजैक्शन: छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए महीने में 1 लाख रुपये तक के UPI QR ट्रांजैक्शन पर जीरो MDR।
छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडर्स को राहत
नई व्यवस्था में छोटे वेंडर्स को विशेष राहत दी गई है। P2PM कैटेगरी के तहत UPI QR कोड से हर महीने 1 लाख रुपये तक के सभी ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं लगेगा। सरकार का कहना है कि इससे अनौपचारिक स्ट्रीट वेंडर कारोबार को औपचारिक डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जोड़ने में मदद मिलेगी।
ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क लेने की अनुमति नहीं
नए फ्रेमवर्क में ग्राहकों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। UPI ऐप्स को यूजर्स से किसी तरह की प्लेटफॉर्म फीस या छिपा हुआ चार्ज लेने की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा, बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि मर्चेंट MDR का बोझ ग्राहकों पर न डालें और बिल में अतिरिक्त शुल्क जोड़कर वसूली न करें।
P2P UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह फ्री
एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI ट्रांजैक्शन पर कोई MDR नहीं लगेगा, चाहे भुगतान की राशि कितनी भी हो। आंकड़ों के मुताबिक, कुल UPI ट्रांजैक्शन में P2P पेमेंट की हिस्सेदारी वॉल्यूम के आधार पर लगभग 37% और कुल वैल्यू के आधार पर करीब 70% है।
UPI चार्ज को लेकर क्या बदला?
साल 2020 से UPI को MDR से छूट मिली हुई थी। इसका उद्देश्य देश में कैशलेस और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना था। अब सरकार ने 2,000 रुपये से अधिक के P2M ट्रांजैक्शन के लिए 0.4% MDR की व्यवस्था लागू की है, जबकि छोटे व्यापारियों और सामान्य यूजर्स के लिए कई श्रेणियों में राहत बरकरार रखी गई है।
UPI यूजर्स के लिए क्या मायने?
ग्राहकों को UPI इस्तेमाल करने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। दैनिक ट्रांजैक्शन लिमिट भी शुल्क की सीमा नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन के लिए तय की जाती है। लोगों को बिना किसी मासिक या ट्रांजैक्शन-वॉल्यूम सीमा के मुफ्त UPI ट्रांजैक्शन की सुविधा जारी रहेगी।



