2027 में सवर्ण दिखाएंगे अपनी ताकत

In 2027, the upper castes will demonstrate their strength

एक बार फिर गर्म हो रहा यूजीसी कानून का मुद्दा
धरना प्रदर्शन और स्वाभीमान यात्रा निकाल दर्ज कराया विरोध
यूजीसी कानून अब राजनीतिक मोड़ लेने लगा है। केंद्र सरकार द्वारा प्रकाश में लाये इस कानून को लेकर एक बार फिर से मुद्दा गर्म होने लगा है। सवर्ण जाती के  नेताओं का कहना है कि यह सवर्णों के खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला काला कानून है। इसी के साथ पुरजोर तरीके से इसका विरोध भी कर रहें है। ऐसा ही माहौल रविवार को पत्त्थर गिरिजाघर स्थित धरना स्थल पर देखने को मिला। जहां पर सवर्ण समाज के नेता एक जुट हो धरना प्रदर्शन और स्वाभीमान पद यात्रा निकाल विरोध दर्ज कराया। पदयात्रा का इस दौरान सरकार विरोधी नारे लगाए गए। इसी के साथ सवर्णों ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि 2027 में सवर्ण दिखाएंगे अपनी ताकत।

403 सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के संस्थापक और एडीएम सिटी अलंकार अग्रिहोत्री भी रविवार को सवर्ण स्वाभीमान यात्रा में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश की चार सौ तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे। इसी के साथ उन्होंने कहा कि एक सौ पंद्रह से एक सौ पैतीस सीटों पर उम्मीदवार तैयार है। अन्य बची हुई सीटों के लिए समय को देखते हुए अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन किया जा सकता है। अपने इस्तीफे का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को उन्होंने अपना इस्तीफा दिया था।जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के यूजीसी कानून पर स्टे लगाते हुए इसको लागू करने का जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट को जवाब मांगे सात महीने से अधिक हो गये है। लेकिन, केंद्र सरकार ने अब तक अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट के सम्मुख प्रस्तुत नहीं किया है।

अलंकार अग्रिहोत्री
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा पार्टी
संस्थापक

 

 

 

 

 

 

 

 

सवर्ण छात्रों को बधुआ बनाना चाह रही सरकार
धरना प्रदर्शन के दौरान सवर्ण समाज के नेताओं ने कहा कि सरकार सवर्ण छात्रों को बधुआ बनाने का कार्य कर रही है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि सरकार से आरक्षण को खत्म करने की मांग नहीं कर रहे हैं। बल्कि, आरक्षण में सुधार की मांग कर रहे है। आरक्षण को जातिगत न कर के इसे आर्थिक आधार पर किया जाए। जिससे की इस आरक्षण का लाभ किसी विशेष जाति के बजाए सभी वर्गों को मिल सके।

रिपोर्ट:आकाश त्रिपाठी

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