
Mau News:टडियाव गांव में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में गरुड़ पुराण कथा का आयोजन हुआ। कथाव्यास आचार्य पंडित अमित तिवारी ने पांचवें से नौवें अध्याय के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को कर्मफल, मृत्यु के बाद की यात्रा, वैतरणी नदी तथा श्राद्ध-पिंडदान के धार्मिक महत्व की जानकारी दी।
कथा के दौरान आचार्य अमित तिवारी ने कहा कि गरुड़ पुराण में मनुष्य के कर्मों को उसके जीवन और मृत्यु के बाद की यात्रा से जोड़कर बताया गया है। उन्होंने धार्मिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शुभ कर्मों को सुखद परिणामों से तथा पापकर्मों को कठिन परिस्थितियों से जोड़ा गया है।
वैतरणी नदी का प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
सातवें अध्याय के प्रसंग में आचार्य ने वैतरणी नदी की धार्मिक मान्यता का वर्णन किया। उन्होंने गरुड़ पुराण में वर्णित गोदान की महिमा पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को इससे जुड़ी मान्यताओं के बारे में बताया। कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालु इस प्रसंग को सुनकर भावविभोर नजर आए।
चित्रगुप्त के लेखे-जोखे और पिंडदान का महत्व
आठवें और नौवें अध्याय के प्रसंगों में आचार्य ने कर्मफल और चित्रगुप्त के लेखे-जोखे से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं का उल्लेख किया। साथ ही श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में सद्कर्म, सेवा और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु मौजूद रहे।
आरती के बाद वितरित हुआ प्रसाद
कथा के समापन पर एडवोकेट सतीश कुमार पाण्डेय ने अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। इसके बाद आरती हुई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान गांव में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।
इस अवसर पर स्वर्गीय राम प्रताप पांडेय के चित्र पर उत्तर प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान के प्रतिनिधि शिव प्रकाश उपाध्याय उर्फ सुबी बाबा ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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