
International News: गाजा में लंबे समय से जारी संघर्ष को खत्म करने और सीजफायर समझौते को आगे बढ़ाने के लिए एक बार फिर कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और उनके करीबी सहयोगी जेरेड कुशनर ने रविवार को मिस्र में हमास के वरिष्ठ नेता खलील अल-हय्या के साथ अहम बैठक की। इस बैठक का मकसद गाजा में अटकी हुई संघर्षविराम प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के रास्ते तलाशना बताया जा रहा है।
कुशनर की अगली अहम बैठक इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ होनी है। ऐसे में माना जा रहा है कि अमेरिका दोनों पक्षों के बीच मौजूद मतभेदों को दूर कर किसी समझौते की जमीन तैयार करने की कोशिश कर रहा है।
15-सूत्रीय रोडमैप पर फंसी है बात
अमेरिका समर्थित गाजा के लिए प्रस्तावित 15-सूत्रीय रोडमैप को लेकर इजरायल और हमास के बीच कई अहम मुद्दों पर मतभेद हैं। योजना में हमास के हथियार छोड़ने और इजरायली सेना के गाजा के कुछ हिस्सों से पीछे हटने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इस प्रस्ताव को लेकर इजरायल की ओर से अभी पूरी सहमति नहीं बन पाई है। वहीं, हमास भी योजना को लागू करने से पहले कुछ शर्तें रख रहा है।
हमास ने रखी इजरायली सेना पीछे हटाने की शर्त
मिस्र में हुई बैठक में हमास ने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि किसी भी नई पहल को लागू करने से पहले इजरायल को गाजा में सैन्य हमले रोकने होंगे और अपनी सेना को निर्धारित ‘येलो लाइन’ तक पीछे हटाना होगा।
हमास का कहना है कि इसके बाद करीब 14 दिनों तक बातचीत करके प्रस्ताव को लागू करने की समयसीमा और दूसरे जरूरी मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है।
वहीं, इजरायल की मुख्य मांग हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण है। यही मुद्दा अब तक बातचीत में सबसे बड़ी अड़चन बना हुआ है।
कुशनर और हमास के बीच बैठक में कौन रहा मौजूद?
जेरेड कुशनर के अलावा अमेरिका और मध्यस्थ देशों के प्रतिनिधि भी इस बातचीत का हिस्सा रहे। बैठक में मिस्र, कतर और तुर्की के अधिकारियों की मौजूदगी की बात सामने आई है।
इससे संकेत मिलता है कि सीजफायर को लेकर सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय मध्यस्थ भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
नेतन्याहू से मुलाकात पर टिकी नजर
हमास नेतृत्व से बातचीत के बाद जेरेड कुशनर की मुलाकात इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से होनी है। बातचीत में पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के निदेशक निकोलाय म्लादेनोव के भी शामिल होने की संभावना जताई गई है।
इस बैठक में मुख्य रूप से यह कोशिश हो सकती है कि इजरायल और हमास की अलग-अलग शर्तों के बीच कोई ऐसा रास्ता निकले, जिससे सीजफायर की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो सके।
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कई देशों ने इजरायल से रोडमैप स्वीकार करने की अपील की
गाजा में मानवीय संकट और लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष के बीच कई देशों ने भी सीजफायर पहल का समर्थन किया है।
सऊदी अरब, UAE, जॉर्डन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, मिस्र, कतर और तुर्की समेत कई देशों ने इजरायल से प्रस्तावित रोडमैप को मंजूरी देने की अपील की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पहले इन देशों से इजरायल पर सीजफायर लागू करने के लिए दबाव बनाने की अपील कर चुके हैं।
अब क्या होगा?
जेरेड कुशनर की हमास नेतृत्व से मुलाकात और उसके बाद नेतन्याहू के साथ बातचीत को सीजफायर प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, हमास का निरस्त्रीकरण, इजरायली सेना की वापसी और गाजा में सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच अभी भी गहरे मतभेद हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका और मध्यस्थ देश इन शर्तों के बीच कोई समझौता करा पाएंगे या फिर गाजा में सीजफायर की कोशिश एक बार फिर अटक जाएगी।



