Rahul Gandhi Supreme Court Relief: राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, आय से अधिक संपत्ति मामले में हाई कोर्ट की सुनवाई पर अंतरिम रोक

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में 20 अगस्त को होने वाली सुनवाई को अगली सुनवाई तक स्थगित करने का निर्देश दिया। CBI और ED को भी जांच रिपोर्ट सौंपने से रोका गया।

Rahul Gandhi Supreme Court Relief: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले में सोमवार को बड़ी राहत दी है। सर्वोच्च अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने CBI और ED को भी निर्देश दिया है कि हाई कोर्ट के आदेश के तहत की जा रही जांच से संबंधित कोई रिपोर्ट फिलहाल इलाहाबाद हाई कोर्ट या किसी अन्य प्राधिकरण के सामने पेश न की जाए। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश राहुल गांधी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान आया।

मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के स्तर पर प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ। कोर्ट ने हाई कोर्ट को 20 अगस्त को प्रस्तावित सुनवाई को अपनी अगली सुनवाई तक स्थगित करने का निर्देश दिया। इस आदेश के बाद फिलहाल राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में हाई कोर्ट के स्तर पर आगे की कार्रवाई पर रोक लग गई है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र की जांच एजेंसियों की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि इस मामले में अभी तक CBI या ED की कोई भूमिका नहीं रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर शिकायत में किसी संज्ञेय अपराध के होने का खुलासा होता है, तो मामला गंभीर हो सकता है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा सकती है।

इस पर मुख्य न्यायाधीश ने जांच एजेंसियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाया। अदालत ने कहा कि यदि किसी मामले में अदालत कोई निर्देश जारी करना चाहती है, तो उसे दोनों पक्षों को उचित अवसर देते हुए प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि अगर मामला इतना गंभीर है तो जांच एजेंसियों ने अब तक खुद कोई कार्रवाई क्यों नहीं की और क्या उन्हें अदालत के किसी निर्देश की आवश्यकता थी।

दरअसल, राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़े आरोपों को लेकर कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी की संपत्ति उनकी घोषित आय के मुकाबले अधिक है। इसी शिकायत को लेकर मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचा था।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मई में मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि यदि शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं तो उनकी सत्यता की जांच की जानी चाहिए। हाई कोर्ट ने CBI और ED को कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई के लिए स्वतंत्र बताया था। साथ ही जांच एजेंसियों को जांच की प्रगति से अदालत को अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए थे।

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हाई कोर्ट के इसी आदेश को राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत में दलील दी कि शिकायतकर्ता की ओर से राहुल गांधी को बदनाम करने के उद्देश्य से कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। उन्होंने मामले की पृष्ठभूमि और शिकायतकर्ता की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल इस मामले में जांच एजेंसियों की ओर से किसी रिपोर्ट को संबंधित अदालत या अन्य प्राधिकरण के सामने पेश करने पर रोक रहेगी। साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रस्तावित 20 अगस्त की सुनवाई भी अगली सुनवाई तक आगे नहीं बढ़ेगी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश मामले के अंतिम निपटारे के तौर पर नहीं देखा जा सकता। अदालत ने फिलहाल हाई कोर्ट की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाई है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से जुड़े पहलुओं पर विचार किया है। आगे की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को लेकर राहुल गांधी की आपत्तियों पर क्या रुख अपनाया जाए।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार तथा जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। दूसरी ओर शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की कानूनी जांच की मांग की गई है। अब सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें रहेंगी, जहां इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

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