Kashi’s Sacred Soil Reaches Maharashtra: काशी की पवित्र मिट्टी पहुंची महाराष्ट्र, रविंद्र चव्हाण ने किया कलश यात्रा का स्वागत

संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर BJP का ‘समरसता संकल्प अभियान’, महाराष्ट्र के जिलों तक पहुंचेगी काशी की मिट्टी

Kashi’s Sacred Soil Reaches Maharashtra: संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाए जा रहे ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत काशी की पवित्र मिट्टी महाराष्ट्र पहुंची। वाराणसी स्थित संत रविदास महाराज की जन्मभूमि की मिट्टी को कलश में लेकर निकली यह यात्रा नागपुर के रास्ते छत्रपति संभाजीनगर पहुंची। यहां भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कलश यात्रा का स्वागत किया।

कलश यात्रा का शुभारंभ छत्रपति संभाजीनगर के मुकुंदवाड़ी स्थित संत रविदास मंदिर से हुआ। इसके बाद कासलीवाल मैदान में कलश पूजन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान रविंद्र चव्हाण ने संत रविदास महाराज के साथ हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज को भी नमन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रविंद्र चव्हाण ने कहा कि संत रविदास महाराज ने जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर समानता, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना आज के समय की बड़ी जरूरत है।

रविंद्र चव्हाण ने कहा कि ‘समरसता संकल्प अभियान’ के माध्यम से संत रविदास महाराज के विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संत रविदास का संदेश केवल किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने पूरे समाज को समानता और भाईचारे की भावना से जोड़ने का काम किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का भी जिक्र किया। चव्हाण ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए देशवासियों को जाति और धर्म की दीवारों से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। उन्होंने राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने और देशहित में मिलकर काम करने पर जोर दिया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सामाजिक समरसता के विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने समानता और सामाजिक न्याय की जिस सोच को आगे बढ़ाया, उसे समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना जरूरी है। उनके मुताबिक, सामाजिक एकता और राष्ट्रभक्ति के मजबूत आधार पर ही विकसित भारत के संकल्प को पूरा किया जा सकता है।

प्रदेश सरकार से जारी शासनादेश के अनुसार मानकों का पालन प्रोमोटर व एजेंट सहित मीडिया हाउस से कराया जाएगा

वाराणसी से शुरू हुई यह कलश यात्रा जुलाई 2026 से फरवरी 2027 तक अलग-अलग चरणों में महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेगी। इस दौरान संत रविदास महाराज की जन्मभूमि की पवित्र मिट्टी राज्य के अलग-अलग जिलों तक पहुंचाई जाएगी। प्रत्येक स्थान पर कलश पूजन और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस अभियान का उद्देश्य संत रविदास महाराज के समानता, भाईचारे और सामाजिक एकता के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाना है। भाजपा की ओर से कहा गया है कि अभियान के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाने और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती को लेकर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में काशी की मिट्टी लेकर महाराष्ट्र पहुंची यह कलश यात्रा धार्मिक और सामाजिक संदेश के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गई है। आने वाले महीनों में महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में इस यात्रा और अभियान से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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