
Sunetra Pawar News: महाराष्ट्र की राजनीति में कांग्रेस की ओर से की गई ‘गूंगी गुड़िया’ टिप्पणी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एनसीपी सांसद और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इस पूरे मामले पर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह फिलहाल इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहतीं, लेकिन उचित समय आने पर इसका जवाब जरूर देंगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान सुनेत्रा पवार ने संयमित रुख अपनाते हुए कहा कि अभी इस विवाद पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने संकेत दिया कि समय आने पर वह अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखेंगी। उनके इस जवाब को राजनीतिक रूप से संतुलित प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
विवाद की शुरुआत कांग्रेस की सोशल मीडिया पोस्ट और पार्टी नेताओं की ओर से की गई टिप्पणी के बाद हुई। कांग्रेस विधायक विजय नामदेवराव वडेट्टीवार ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि इसमें कोई अपमानजनक शब्द नहीं था। उनका कहना था कि उन्होंने किसी तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया और सत्ता पक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या वास्तव में इस टिप्पणी से सुनेत्रा पवार को व्यक्तिगत तौर पर ठेस पहुंची है।
दूसरी ओर महायुति के नेताओं ने इस बयान को महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह केवल सुनेत्रा पवार का नहीं बल्कि पूरे राज्य की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक राजनीति के लिए उचित नहीं है। शिंदे ने यह भी दावा किया कि इससे पहले भी कांग्रेस महिला नेताओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर चुकी है और जनता इसका जवाब चुनाव में दे चुकी है।
एनसीपी विधायक सना मलिक ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अपने ही इतिहास को भूल गई है। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने कभी महिला नेताओं के सम्मान की बात की, वही आज एक महिला जनप्रतिनिधि के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रही है। सना मलिक ने कांग्रेस नेतृत्व से बिना शर्त माफी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो एनसीपी राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करेगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता भी अपनाएगी।
‘गूंगी गुड़िया’ टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब केवल एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में महिला सम्मान, राजनीतिक मर्यादा और चुनावी बयानबाजी जैसे मुद्दों पर नई बहस छेड़ चुका है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और महायुति दोनों इस मुद्दे को किस तरह आगे बढ़ाते हैं, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।



