
India-Japan Relations : भारत में निवेश और कारोबार को नई गति देने के उद्देश्य से जापान ने अपने विदेश मंत्रालय में Japan-India Economic Affairs Division का गठन किया है। यह नई इकाई 3 अगस्त से पूर्ण रूप से काम शुरू करेगी और इसका मुख्य उद्देश्य जापानी लघु एवं मध्यम उद्योगों (SMEs) तथा स्टार्टअप्स को भारतीय बाजार में प्रवेश दिलाना और यहां निवेश बढ़ाने में सहायता करना होगा।
करीब 10 अधिकारियों की टीम वाली यह नई डिवीजन भारत में कारोबार के दौरान आने वाली नियामकीय और प्रशासनिक चुनौतियों की पहचान करेगी तथा दोनों देशों के बीच सरकारी स्तर पर बातचीत के जरिए समाधान तलाशेगी।
भारतीय बाजार में बढ़ेगा जापानी निवेश
जापानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नई इकाई उन जापानी कंपनियों की भी मदद करेगी जिनका भारत में अभी तक कोई कार्यालय, बिक्री नेटवर्क या व्यावसायिक आधार नहीं है। साथ ही भारत सरकार के साथ बातचीत कर व्यापार में आने वाली बाधाओं को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि “कूटनीतिक माध्यमों से कंपनियों के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान हमारा उद्देश्य है।”
क्यों उठाना पड़ा यह कदम?
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 तक भारत में 1,434 जापानी कंपनियां सक्रिय थीं। हालांकि 2018 के बाद से यह संख्या लगभग स्थिर बनी हुई है। इसके पीछे कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलता, राज्यों के अलग-अलग नियम और बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
नई डिवीजन इन समस्याओं को भारत-जापान शिखर और मंत्रीस्तरीय बैठकों में उठाकर समाधान की दिशा में काम करेगी।
10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य
जापान सरकार ने पिछले वर्ष अगले 10 वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन येन के निजी निवेश का लक्ष्य तय किया था। इस दिशा में अब तक करीब 2 ट्रिलियन येन के निवेश कार्यक्रमों को मंजूरी दी जा चुकी है।
जापान का मानना है कि भारत की तेज आर्थिक विकास दर और बढ़ता उपभोक्ता बाजार जापानी कंपनियों के लिए बड़े अवसर प्रदान करता है।
मोदी-ताकाइची शिखर वार्ता में भी मिला था संकेत
पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच हुई शिखर बैठक में दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग और निवेश बढ़ाने पर सहमति जताई थी। दोनों नेताओं ने भारत-जापान आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
भारत में बढ़ रहा जापानी FDI
हाल के वर्षों में भारत में जापानी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में लगातार बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल 2000 से दिसंबर 2024 तक भारत में जापान का कुल निवेश 43.28 अरब डॉलर रहा, जिससे वह भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने वाले शीर्ष देशों में पांचवें स्थान पर है।
भारत-जापान व्यापार भी मजबूत
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 27.47 अरब डॉलर रहा। वर्तमान में भारत, जापान के कुल व्यापारिक साझेदारों में 14वें स्थान पर है, जबकि भारत के लिए जापान 10वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।



